गतांक से आगे............
तनु का haath का मार्क चमकने लगा तनु जैसे -जैसे आगे बढती जा रही थी उसका मार्क और गहरा होता जा रहा था |पर तनु अब भी उस दुसरे व्यक्ति के पास नहीं पहुच प् रही थी | तभी तनु ने देखा की वहां कुछ बच्चे खेल रहे हैं |

तनु ने उनके पास जाकर पूछा की उनका क्या है पर बच्चे तनु से कुछ बोलहि नहीं रहे थे |तभी उनमी से एक बच्चा बोला की किसी की आवाज़ तो आ रही पर कोई दीखाई नहीं दे रहा |तनु बहुत निराश हो गयी वह वापस जाने लगी फिर उसने देखा की उसके जैसी एक लड़की उसके हाथ में भी कुछ चमक रहा है |तनु उसके पास गयी तो उसे अपने अंदर कुछ शक्ति का अहसास हुआ उसने देखा की बिलकुल उसकी शकल उसकी collage वाली फ्रेंड से मिल रही थी |वो लड़की भी तनु से ऐसे मिली जैसे बहुत दिनों से जानती हो उसने तनु को अपना नाम आँचल
बताया |वो तनु को अपने साथ अपने घर ले गयी |आँचल ने बताया की उसकी मम्मी पापा विदेश में रहते हैं |यंहा
अपनी दादी और आंटी के साथ रहती है |
तनु को आँचल के घर में बहुत प्यार मिला तनु और आँचल एक ही कमरे में रुके थे |आँचल सो गयी थी तनु को नींद नहीं आ रही थी तनु ने देखा की उनके कमरे का दरवाज़ा खुला तनु ने झट से अपनी आंखे बंद कर ली जब दरवाज़ा बंद हनी लगा तो तनु ने देखा की आँचल की आंटी हैं |तनु थोड़ी देर में धीरे से उठी और बहार गयी उसने देखा की आँचल की आंटी ने काले रंग का लबादा पहन रखा है और फिर एक दीवार के पास आकर उन्होने अपना मुह भी ढ्क लिया |और तनु के देखते -देखते वो दीवार के अंदर चली गयी |तनु हतप्रभ सी दिखाती रह गयी फिर वो वापस अपने कमरे में आगई आँचल अब भी गहरी नींद में थी |
फिर तनु को नींद नहीं आई बार -बार उसे आंटी की घटना याद आती थी |फिर न जाने कब वो निद्रा के आगोश में चली गयी उसे स्वयं भी ये पता नहीं चला सुबह को उसकी नींद आंटी के आवाज़ लगाने से हुई चाय पीते -पीते आँचल ने तनु को बताया की उसकी आंटी का नाम मनीषा है और उसकी दादी कुछ बोल नहीं सकती |तनु ने आँचल को रात के बारे में कुछ नहीं बताया क्युकी उसने देखा की आँचल अपनी मनीषा आंटी का बहुत मान करती है ,और उन्हे प्यार भी बहुत करती है |और वैसे भी तनु कल ही तो आई है तो वो उसकी बात का विश्वास क्यों करेगी |क्रमश:

तनु ने उनके पास जाकर पूछा की उनका क्या है पर बच्चे तनु से कुछ बोलहि नहीं रहे थे |तभी उनमी से एक बच्चा बोला की किसी की आवाज़ तो आ रही पर कोई दीखाई नहीं दे रहा |तनु बहुत निराश हो गयी वह वापस जाने लगी फिर उसने देखा की उसके जैसी एक लड़की उसके हाथ में भी कुछ चमक रहा है |तनु उसके पास गयी तो उसे अपने अंदर कुछ शक्ति का अहसास हुआ उसने देखा की बिलकुल उसकी शकल उसकी collage वाली फ्रेंड से मिल रही थी |वो लड़की भी तनु से ऐसे मिली जैसे बहुत दिनों से जानती हो उसने तनु को अपना नाम आँचल
बताया |वो तनु को अपने साथ अपने घर ले गयी |आँचल ने बताया की उसकी मम्मी पापा विदेश में रहते हैं |यंहा
अपनी दादी और आंटी के साथ रहती है |
तनु को आँचल के घर में बहुत प्यार मिला तनु और आँचल एक ही कमरे में रुके थे |आँचल सो गयी थी तनु को नींद नहीं आ रही थी तनु ने देखा की उनके कमरे का दरवाज़ा खुला तनु ने झट से अपनी आंखे बंद कर ली जब दरवाज़ा बंद हनी लगा तो तनु ने देखा की आँचल की आंटी हैं |तनु थोड़ी देर में धीरे से उठी और बहार गयी उसने देखा की आँचल की आंटी ने काले रंग का लबादा पहन रखा है और फिर एक दीवार के पास आकर उन्होने अपना मुह भी ढ्क लिया |और तनु के देखते -देखते वो दीवार के अंदर चली गयी |तनु हतप्रभ सी दिखाती रह गयी फिर वो वापस अपने कमरे में आगई आँचल अब भी गहरी नींद में थी |

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