तनु ने देखा की उसने जिसका हाथ पकड़ा है उसके face

पर रौशनी ही रौशनी है | वो किसके साथ है वो समझनहीं
पा रही थी | अचनक जैसे ही उसकी नज़र face से हटी तो
उसने देखा की वो बादलो की दुनिया मे है | चारो तरफ
गोल्डेन और सिल्वर लाइट थी | उसे अपने सिवा कोई भी देखाए नहीं दे रहा था | इतने मे उसने कोई आवाज़ सुनी
जैसे ही उसने सामने की तरफ देखा तो वहा एक रथ खड़ा
था | तनु उसमे जाकर बैठ gaye रथ के अंदर उसने देखा की बहुत सारे व्यक्ति बैठे हैं | पर वो उन सबके faces नहीं
देख पा रही थी क्युकी उन सबके चेहरों पर गोल्डेन रौशनी थी वो तो उनकी तरफ देख भी बड़ी मुश्किल से
रही थी |
रथ चल रहा है या वही खड़ा है तनु को कुछ भी पता नहीं चल रहा था | तनु को एका एक बड़ी ठण्ड लगने लगी |
तो साथ बैठे व्यक्ति ने उसको आसमान मे से एक बादल
लेकर उढा दिया तनु को बहुत अच्छा लगा उसकी आंखे
बंद होने लगी |
राजन को बहार गए आज दो दिन पूरे हो गयेथे|
वह घर आया तो उसने देख की तनु हमेशा की तरह काम मे लगी है |तनु ने पुछा की उसका ट्रिप कैसा रहा? राजन
मुस्करा दिया और फिर फ्रेश होकर वह अपने काम से
बहार चला गया |
तनु की आंख जब खुली तो उसने देखा की वो एक झील
मे नाव पर है कोई उसको चलाने वाला नहीं है नाव खुद

चल रही है | बादल की वो चादर उसने अभी भी ओढ़
रखी थी | फिर तनु को अचानक बासुरी की मीठी धुन
सुनाई देने लगी वो आवाज़ इतनी मंत्र मुग्ध करने वाली
थी की तनु सब कुछ भूल कर उस धुन मे ही खो गयी |
राजन जब रात को वापस आया तो उसने तनु से पुछा
की विभा कब गयी तनु ने कहा आपके आने से थोडा
पहले फिर राजन अपनी files मे डूब गया | तनु एक पेपर
पर गेम खलने लगी |
तनु बासुरी की धुन मे इतना खो गये की कब उसके पास
महिमा madika आ गयी उसे पता ही नहीं चला |उन दोनों
ने उसे नाव मे से उतारा और सामने एक सुनहरी रौशनी
मे उसको लेकर चलती गयी आगे जाने पर तनु ने देखा
की वो एक आश्रम है | वहा उसने हिरन के बच्चे देखे
जो खेल रहे थे महिमा ने एक मर्ग छोने को गोद मे ले
लिया और तनु को साथ लेकर आगे बढ़ गयी
राजन काम करते huey ये सोच रहा था की तनु पहले
से कितनी अलग लगने लगी है | पहले तो राजन को तनु इतनी धयान नहीं आती थी पर अब तो पल पल तनु की
याद सताती है |
तनु को वहा बैठ कर अच्छा लगा तभी वहा उसके पास आकर बहुत सारे बच्चे बैठ गये सारे बच्चे किसी देव दूत
से कम नहीं लग रहे थे | सभी मंत्रो का उच्चारण कर रहे थे | तभी एक lady ने तनु को हाथ पकड़ कर उठाया और
उसको एक कमरे मे ले गयी | उस कमरे की बात ही अलग थी कमरे की छत एसी थी जैसे आसमान हो
दीवारे चाँदी सोने की तरह चमक रही थी | तनु ने एक
दीवार मे हाथ लगाया तो उसका हाथ दीवार के बहार चला गया तनु उस दीवार से बहार चली गयी |बहार आकर उसने देखा की वो एक गार्डेन मे खड़ी है वहा पेड़
ऐसे चमक रहे थे मानो सकडो इन्द्रधनुष एक साथ चमक रहे हो |वो आगे बढने लगी फिर क्या हुआ ??
to be continued

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