गतांक से आगे .......
तनु छोटे से बच्चे के इस प्रशन को सुन कर अवाक् रह गयी वो बच्चे को ये
कैसे बता सकती की वो तो खुद एक परछाई है तो उसकी परछाई कैसे बनेगी
तनु ने सोचा की और बच्चे इस प्रशन को उठाये या इस बच्चे के mind मे ये बात ज्यादा देर तक रहे तो उसने एक दम बात को बदल दिया उसने कहा की आओ बच्चो हम अंदर जाकर खेलते हैं|तनु सब बच्चो को अंदर ले जाकर उनके साथ खेलने लगी तब तक वो बच्चा अपना प्रशन भूल चूका था
उधर राजन रिंकी के बारे मे सोच रहा था और आज रात को क्या किया जाए इसका प्लान बना रहा था |रात को सब खाना खा कर सोने चले गए राजन ने जब देखा की तनु गहरी निद्रा मे है तब वो उठा और अलमारी वाले रास्ते से रिंकी के कमरे के सामने पहुच गया |और फिर पेंटिंग हटा कर वहाँ अपने साथ लाया handicam लगा दिया और कमरे के अंदर की सी डी बनाने लगा रिंकी ने आज भी एक बेहद खुबसूरत लिबास पहन रखा था | 

मगर आज वो खिड़की के पास खड़ी थी और किसी का बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी तभी एक सांप वहां रेंगता हुआ खिड़की के रास्ते से अंदर आया और अंदर आते ही एक युवक मे परिवर्तित हो गया वह युवक पहली रात वाला ही था |तनु के हाथ मे अब फिर वही रोशनीदार वस्तु थी और सारा कमरा सतरंगी रौशनी से भरा गया और ये क्या तभी सारा कमरा गोल-गोल घुमने लगा कमरा इतनी तेज़ी से घुमा की राजन ये बर्दाशत नहीं कर पाया और और बेहोश होकर गिर पड़ा |राजन पता नहीं कब तक ऐसे ही पड़ा रहा जब उसको होश आया तो उसने सब से पहले रिंकी के कमरे मे देखा तो उसने देखा की रिंकी गहरी नींद मे सोयी है |
राजन वापस अपने कमरे मे आ गया मगर उसका सारा बदन फोडे की तरह दुःख रहा था |उसने फर्स्ट ऐड बॉक्स निकला उसमे से एक पैन किलर ली उसको पानी के साथ खाकर सो गया जल्द ही वो गहरी नींद के आगोश मे चला गया |सुबह को kitchen मे खटर पटर की आवाज़ से तनु की नींद खुल गयी उसने पास सोये राजन की तरफ देखा कैसे बच्चो की तरह सोया है |फिर राजन को ठीक से ब्लेंकेट उढ़ा कर कर kitchen की तरफ चली गयी |वहां रिंकी सबके लिए चाय छान रही थी |तनु ने रिंकी से कहा की वह क्यों परेशान हुई तो रिंकी ने कहा की उसे kitchen का काम करना अच्छा लगता है |तनु ने एक चाय ली और राजन को देने चली गयी |
तनु बाथरूम मे थी उसने वहां किसी के रोने की आवाज़ सुनी तनु जल्दी से बहार आई उसे कहीं कुछ दीखाई नहीं दिया |तनु तैयार होकर स्कूल चली गयी तनु का आज स्कूल मे मन नहीं लगा उसने बच्चो की जल्दी छुट्टी करके घर आकर लेट गयी कब उसे नींद ने धर दबोचा उसे पता ही नहीं चला
बहुत तेज तेज कोई दरवाज़ा बजा रहा था उससे तनु की नींद टूट गयी वह जल्दी से बहार आई देखा राजन बदहवास से खडे हैं |तनु ने कहा की वो सो रही थी |राजन ने कुछ नहीं कहा बस तनु को अपने सीने से चिपटा लिया |

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