एक दिन तनु ने राजन को एक लड़की के साथ देखा तो पहले तो उसे अपनी
आँखों पर विश्वास नहीं हुआ |उसने सोचा की हो सकता है क्युकी राजन का काम सबसे मिलने जुलने का है तो हो सकता है की वो उसकी फ्रेंड हो मगर
जब घर के हालत बिगडने लगे और राजन ने तनु पर ध्यान देना बंद कर
दिया तो तनु ने सोचा की उसे कुछ करना चाहिए उसने पहले तो राजन को बहुत समझाया की वो शहर की चकाचोंध मे न पडे ऐसा करने से आपका अस्तित्व ख़तम हो जायेगा जमाने के साथ चलने का ये मतलब नहीं की आप उसकी बुरइयो को अपना ले आप शहर की सिर्फ acchaiyo पर ध्यान
दीजिये दोस्त बनाने के लिए मै मना नहीं करती चाहे आप लडकियों से दोस्ती कीजिए मगर उससे घर प्रभावित नहीं होना चाहिए |पता नहीं राजन ने तनु की कितनी बात समझी और कितनी मानी ये तो आने वाला वक़्त ही बताएगा तनु ने अपने आपको वक़्त के हवाले कर दिया वह हर तरह से अपने आपको तैयार करना चाहती थी |उसे ऐसा लगा की उसकी पतवार
मझधार मे डूबी है उसने भगवान् पर भरोसा रखा और राजन को कुछ भी कहना छोड़ दिया |वो कब आते हैं कब जाते हैं वो सब कुछ देखा कर भी अब मौन रहने लगी |पर एक बात का वो हमेशा ध्यान रखती थी की उससे कोई भूल न हो जाये वह राजन को कुछ भी कहने का एक भी मौका नहीं देना चाहती थी |
तनु ने आस पास के छोटे छोटे बच्चो को इकट्ठा करके पढ़ाना शुरू कर दिया और उसने एक छोटा सा स्कूल खोल लिया |
तनु रात दिन बच्चो मे खोयी रहने लगी राजन और तनु अपनी अपनी दुनिया मे खोये थे |एक दिन राजन के मम्मी पापा उसके घर बिना खबर किये आगये उन्हे कुछ पता न चले इस बात का राजन ने पूरा ध्यान रखा
तनु तो पहले ही राजन के माता पिता की आँखों का तारा थी |क्युकी वो उसको शादी से पहले से ही जानते थे तनु उनके पडोसी की ही बेटी है |पर
न जाने कैसे राजन की मम्मी को राजन के बहकते कदमो के बारे मे पता चल गया एक दिन राजन को उसकी मम्मी ने बहुत समझाया की तुझ हे
तनु जैसी लड़की कहीं नहीं मिलेगी तू उसका धयान रखा कर राजन अपनी मम्मी की बात बहुत मानता था तनु ने सोचा की काश वो ये बात भी मान ले
तनु माँ बेटे की बात को सुन रही थी |
राजन ने अपनी माँ से कहा की आपको ऐसा क्यों लगता है तनु ने कुछ कहा आपसे तो उसकी मम्मी बोली उसने कुछ नहीं कहा मगर मे एक माँ हूँ और तनु को मे बचपन से जानती हूँ |मुझे पता है तू चाहे उसे कितना ही दुखी क्यों न कर ले वो कुछ नहीं बताएगी राजन ने तब अपनी माँ से कहा की वो कोशिश करेगा की तनु कभी उसकी वजह से परेशान न हो |तब राजन की माँ ने कहा की तुम मुझे वचन दो तभी तनु सामने आ गयी और उसने राजन की माँ से कहा की मे बहुत खुश हूँ आप मेरी वजह से इन्हे किसी वचन मे मत बांधिए |राजन तनु को देखता रह गया और उसने मन ही मन
तनु को मानो कहा की तुम्हे मेरी वजह से कभी परेशानी नहीं होगी |
और उस दिन के बाद राजन ने तनु पर ध्यान देना शुरू कर दिया वह उसकी हर जरुरत का ध्यान रखने लगा सब कुछ ठीक हो जाने पर राजन के मम्मी पापा वापस अपने घर चले गए |सब कुछ ठीक चल रहा था फिर एक दिन राजन किसी रिंकी नाम की लड़की को घर लेकर आया और तनु से कहा की ये मेरी फ्रेंड है और ये शहर मे नई आई है इसके पास रहने के लिए घर नहीं है क्या तुम थोडे दिनों के लिए इसे अपने घर मे रहने दोगी तनु ने कहा ठीक है
वह राजन के उपर शक नहीं किया तनु ने अपने घर का सबसे अच्छा कमरा रिंकी को दे दिया |राजन और रिंकी सुबह को साथ मे जाते और साथ ही वापस आते आस पड़ोस की की महिलाओ ने तनु से पूछना शुरू कर दिया की यह लड़की कोन है तनु ने बताया की राजन की दोस्त है तब उन्होने कहा
की कहीं ऐसा न हो ये तुम्हारी जगह ले ले पर तनु राजन के प्यार मे इस कदर डूबी थी की उसने किसी की भी सलहा पर ध्यान नहीं दिया |
तनु अपने स्कूल मे ज्यादा बच्चे आने की वजह से बिजी हो गयी और ज्यादा थकी रहने की वजह से रात को खूब गहरी नींद मे सूनी लगी
इसी तरह वक़्त गुज़र रहा था की एक दिन रात को किसी की खिलखिलाहट
से उसकी नींद टूट गयी हंसी की आवाज़ तनु के कमरे से आ रही थी तनु उठी और आवाज की तरफ जाने के लिए उसने कदम बढ़ा लिए |कमरा अन्दर से बंद था |तनु बहार गयी तो उसे एक खिड़की खुली दीखाई दी उसने
अंदर झांक कर देखा तो सन्न रह गयी .......
to be continued


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