COPY CODE SNIPPET its tym to lyf moments (IMAGINARY STORY ): mano ya na mano (vi) (STORY)

Sunday, March 6, 2011

mano ya na mano (vi) (STORY)

तनु ने तभी देखा की एक परछाई राजन की तरफ बढ़ रही है |
तनु घबरा गई उसने महिमा को याद किया तो माहिमा उसके 
सामने आ गई |तनु उसको बताया तो महिमा ने कहा की ये 
तुमने राजन के भविष्य मे क्या होने वाला है वो देखा है |तनु 
ये जानना चाहती थी की वो किसकी परछाई है |उसने महिमा 
से कहा तो महिमा ने उसे अपनी हथेली पर उस परछाई को 
दीखाया पर तनु उसे पहचान नहीं पाई | 
महिमा तनु को उस गुफा से बहार ले आई |वो तनु को एक 
अविस्मरनीय जगह ले गयी |

                  


Nature scraps, nature pictures and images for orkut, myspace, blogs, forums
वही महात्माजी (बाबाजी)मिले उन्होने तनु से कहा आओ तनु
तुम्हारा ही इंतजार था |उन्होने कहा की तनु हर युग मे भगवान
एक पवित्र आत्मा को अपने cause के लिए चुनता है |तनु ने पूछा
कि मुझे किस cause के लिए चुना है ?तो मह्त्माजी बोले तुम्हे 
युग परिवर्तन मे हमारा साथ देना होगा |तुम्हे पता है कि तुम 
अतीत मे आई हो तुम अपना युग करोडो वर्ष पीछे छोड़ आई हो 
तनु बोली कि मगर मे तो अपने पति राजन को छु प़ा रही हूँ |
तो बाबाजी ने कहा क्युकी तुम्हारे को ये अद्भुत शक्तिया दी गयी 
हैं |तभी तनु को अपने बच्चे कि याद आई तो बाबाजी बोले कि  

तनु तुम्हारा लड़का दिव्य ठीक है |उसकी परवरिश एक दुसरे  
युग मे हो रही है |वह भी अतीत मे जी रहा है |और आने वाले                              
समय का सूत्रधार होगा |

कुछ रुक कर बाबाजी फिर बोले कि तनु तुम्हे न जाने कब 
किस युग मे विद्या सीखने के लिए जाना पडे जब तक तुम 
मेरा इस्मरण करती रहोगी मे तुम्हारा साथ देने के स्वयं 
भी आता रहूँगा और तुम्हारी मदद के लिए किसी न किसी 
को भेजता रहूँगा|


तनु अब तुम्हे चुनना है कि तुम किस रास्ते पर जाना चाहती 
हो और यह कह कर बाबाजी ने तनु को आने वाले युग कि तस्वीर 

Nature scraps, nature pictures and images for orkut, myspace, blogs, forums
दीखाई और कहा तनु उस शितिज़ को देखो आने वाले 
समय मे पृथ्वी से जीवन का नामों निशान मिट जायेगा 
अब तुम्हे तय करना है कि तुम विनाश मे साथ दोगी या 
पृथ्वी को बचाए रखने मे अगर तुम बचाने मे साथ देती 
हो तो तुम्हे इसी तरह युगों युगों मे भटकना पडेगा |और 
अगर विनाश मे साथ देती हो तो तुम्हे वापस अपने युग 
मे जाना पडेगा |यह कहकर बाबाजी ने तनु कि तरफ देखा 
तनु तय नहीं कर प़ा रही थी कि क्या करे उसने बाबाजी से 
कहा कि वह पहले पृथ्वी को बचाने मे साथ देगी मगर उससे 
पहले जरुरी है पृथ्वी से पाप को हटाना और अगर पृथ्वी पर 
इसी तरह पाप बढ़ते रहेंगे तो फिर पृथ्वी का विनाश होना ही 
चाहिए |बाबाजी मुस्कराए और बोले तनु तुम तो बहुत चतुर 
हो |चलो एक कोशिश पृथ्वी को बचाने कि करते हैं और दूसरी 
कोशिश और वो बात अधूरी छोड़ कर अंतर्ध्यान हो गए |और 
तनु एक अनजान सफ़र पर निकल पड़ी या यु कहिये कि अतीत 
मे न जाने किस युग मे निकल पड़ी वो नहीं जानती कि उसके 
साथ आगे क्या होगा |कोन सी मुश्किले झलनी पड़ेंगी उसे 
चारो और नए नए रास्ते जाते ही दीखाई दे रहे थे वो poorub कि
 तरफ से आती हुई तेज रौशनी वाले रास्ते मे निकल पड़ी |     
Nature scraps, nature pictures and images for orkut, myspace, blogs, forums
to be conitued

No comments:

Post a Comment

hello