
***यह तनु और राजन की स्टोरी एक काल्पनिक स्टोरी है,वास्तविक दुनिया से इसका कोई लेना -देना नहीं है |
तनु का घर हिल स्टेशन पर है पर उसका घर jungel से जुड़ा है| आज उसे यहाँ रहते huey पूरे दो साल हो गए है
कभी कभी तो वो ये सोचती है की इतने साल वो कैसे रह ली | अभी वो ये सोच ही रही थी की जैसे एक महात्मा
उसके सामने प्रकट हो गए वो देखती ही रह
तनु कुछ बोल पाती इतने मे ही वो बाबा बोल पडे आगे तुम्हे mari जरुरत पडेगी और फिर उन्होने तनु को को एक गोल्डेन फल दिया कहा की जब भी मुझे बुलाना हो तो तुम एस फल के सामने मुझे याद करना मे आ जाऊंगा | और यहाँ कह कर वो गायब हो गए | तनु वो फल हाथ मे लिए खड़ी रह gaye फिर वो अंदर aaye वो फल उसने छुपा दिया और सोचने लगी की वो महत्मा कोन थे और उसे उनकी जरुरत क्यों पडेगी | और वो फिर राजन का इन्तजारकरने लगी यहाँ तो मोबाइल भी सिग्नल catch नहीं करता न जाने वो कब तक आ पायेंगे |
और साथ ही वो ये भी सोच रही थी की वो ये बात अपने पति राजन को बताये या नहीं फिर उसने नहीं बताने का
निर्णय लिया | इतनी मे जसे ही वो पीछे मुड़ी सामने राजन खडे थे| अरे आप आ गए और मुझे पता भी नहींचला
राजन बिना कुछ कहे change करने चले गए | अचानक तनु को लगा के jase उसकी तबियत ख़राब हो रही है
फिर जब उसको होश आया वो बेड़ पर थी | राजन ने तनु से पूछा अब वो kaise है उसने कुछ नहींकहा वो फिर सो gaye रात भर राजन तनु के पास ही बैठा रहा | फिर तनु सुबह जागी तो देखा राजन उसके पास बठे बठे
ही सो गए हैं |
वो kitchen की तरफ जाने लगी तो राजन ने उसको वहा जाने से मना कर दिया | और फिर राजन ने ही kitchen
का काम संभाला राजन के जाने के बाद तनु को उस फल की याद aaye उसने वो फल निकला और उसको मंदिर
मे रख कर बाबाजी को याद किया | चारो तरफ रौशनी फ़ैल gaye सामने बाबाजी खडे थे उसने उनको नमस्कार
किया और पूछा की ये सब क्या है वो महात्मा जी बोले की अभी बताने का वक़्त नहीं आया है अभी तो वो उसी तरह रहे जैसे वो रहती है जब वक़्त आएगा तब वो बता देंगे | और यहाँ कह कर वो anterdhyan हो गए |
अचानक तनु को लगा की रात की तरह से फिर उसकी तबियत ख़राब हो रही है वो वाशबेसिन की तरफ भागी
वहा से आकर अभी खड़ी ही हुई थी की राजन आ गए तब उन्होने बताया की रात को डॉक्टर आये थे और उन्होने बताया की वो माँ बनने वाली है | तनु इतनी जल्दी ये सब कुछ नहीं चाहती थी पर अब किया भी क्या जा सकता है | राजन ने जल्द ही अपनी मम्मी को बुला लिया अब वो रात दिन उसको nasiat देने लगी | एक दिन तनु इन सब बातो से घबरा कर jungel की और निकल पड़ी वो चलती ही जा रही थी उसे कोई होश नहीं था चलते चलते वो एक cave के अंदर पहुच gaye सामने वही बाबाजी बैठे थे उन्होने कह आओ तनु तुम तो बड़ी जल्दी अपनी मंजिल की तरफ निकल पड़ी हो | उन्होने जो बाते उसको कही वो सब उसे किसी जादू से कम नहीं लगी वो सोचने लगी क्या ऐसा भी हो सकता है |
इतने मे ही न जाने kaha से दो परी की तरह दीखने वाली दो लडकिया निकल कर उसके सामने खड़ी हो gaye बाबाजी ने उसको उनके साथ जाने के लिए कहा | अचानक उसे अपने पति राजन की याद आ gaye उसने बाबाजी से कहा तो उन्होने कहा की वो इन सब बातो के बारे मे न सोचे उन दोनों लडकियों के नाम महिमा और madika थे वो दोनों तनु को लेकर गुफा के अंदर चली गए जैसे जैसे वो अंदर जाते जा रहे थे वैसे वैसे ही वो गुफा एक राजसी महल मे बदलती जा रही थी |
एक कमरे मे ले जाकर तनु को छोड़ दिया गया और उससे कहा की जब भी उसको जरुरत होगी वो दोनों आ जाएँगी | तनु को गहरी नींद आने लगी वो सो गयी |
तनु गहरी नींदसे जागी तो उसने देखा की वो वहा नहीं है
जहा वो सोने से पहले थी | उसे लगा की वो तो किसी और दुनिया मे आ
gaye है वो bed से उठी तो उसने देखा की चारो तरफ कोहरा ही कोहरा है|
उसने आगे जाने के लिए कदम बढ़ाये पर उसे कुछ भी dekhaye नहीं दे रहा था |उसने महिमा madika को याद किया दोनों उसके सामने आ गए और
उसने देखा की वो वही पर है जहा दोनों उसको लेकर aaye थी | तनु कुछ
भी समझ नहीं आ रहा था उसने प्रशन भरी निगाहों से महिमा और madika को देखा |
वो दोनों ने उसके प्रशन को समझते huey भी अनजान
बन gaye महिमा ने उसको विचित्र से फल खाने को deye
तनु ने ऐसे फल कभी नहीं देखे थे उसे bhook लगी थी
उसने खा लिए इतने tasty फल उसने कभी नहीं खाए थे|
उसे अपने अंदर एक शक्ति का अहसास होने लगा |
अचानक उसे राजन की याद आने लगी वो सोचने लगी की राजन उसे
dhund रहे होंगे बस उसने इतना सोचा ही
था की उसने देखा की वो अपने घर मे मंदिर के सामने खड़ी है और उसे
याद आया की राजन की माँ aaye है |
और डॉ. ने क्या कहा था |
इतने मे राजन आ गए वैसा कुछ भी नहीं था जैसा तनु को लगा था सब
कुछ normal था | उसने कुछ देर के लिए
सब कुछ सोचना छोड़ दिया और सिर्फ राजन पर ध्यान देने लगी |
उसने kitchen मे जाकर खाना बनाना शुरू ही किया था
की राजन उससे कहा की क्या कर रही हो टेबल पर खाना
लगा कर और किसके लिए खाना बना रही हो वो विस्मित सि खड़ी रहा
gaye फिर वो टेबल पर aaye और राजन के साथ खाना खाने लगी बिलकुल उसके हाथ जैसा ही खाना बना था |

राजन ने तनु से कहा की वो दो दिन के लिए बहार जा रहा है | फिर उससे
कहा की वो भी उसके साथ चले पर तनु ने मना कर दिया | तो राजन ने कह की मे तुम्हारी सहेली विभा को बुला लेता हूँ | तनु ने कुछ नहीं कहा |
सुबह विभा तनु के साथ थी | अचानक तनु को विभा मे महिमा dekhaye देने लगी वो हडबडा गयी इतने मे विभा ने तनु का हाथ कस कर पकड़ लिया तनु को लगा की वो उड़ रही है उसने नीचे देखा तो वो जमीन पर ही खड़ी थी
उसने विभा की तरफ देखा तो वो देखती ही रहा gaye ... क्युकी यहाँ तो कोई आता जाता नहीं |
क्रमश:


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