
''माँ''
''माँ'' विकास बहार से ही कहता हुआ आया,स्कूल बैग एक तरफ फैक दिया और झट से माँ की कमर पर झूल गया|माँ ने चावल में से कंकड़ निकलते हुएय कहा ,की आज पापा से क्या लाने को कहना है |ओ मेरी अच्छी माँ ,वो जो सोनू के पास है, ना वो बड़ा सा खिलौना मुझे वही चाहिए|
विकास तो कह कर चला गया पर माँ ने सोचा ,की विकास के पापा को खेल -खिलोने बिलकुल पसंद नहीं |वो कहते हैं की मुझसे पढने के लिए किताबे चाहे जितनी माँगा लो ,पर खिलोने तुम खुद लाया करो |
माँ जल्दी से तैयार हुई ,और विकास को साथ लेकर उसकी पसंद का टॉय दिलवा दिया |विकास बहुत खुश था
माँ विकास की हर इच्छा पूरी करती है ,चाहे उसके लिए कुछ भी करना पडे |इसी तरह वक़्त बीतता जा रहा था,आज विकास ने एक entrance exam दिए थे जिसमे वो आ गया था |
मगर वो बहुत उदास था ,कारण था की donation मांग रहे है,विकास जनता था की पापा बहुत उसोलो वाले है |वो ऐसा नहीं करेंगे |बस एक माँ ही आखिरी सहारा थी ,माँ ने देख लिया था,की विकास आज सीधे अपने कमरे में गया है |वो समझ गयी की परेशान होगा ,माँ विकास के पास गयी ''लल्ला'' क्या बात है |
कुछ नहीं माँ विकास ने कहा ,माँ के बहुत पूछने पर उसने बता दिया ,साथ ही ये भी कह दिया की माँ पापा को मत बताना |माँ बिना कुछ बोले वहां से चली गयी ,जब लौटी तो हाथ में गहनों का डिब्बा था |माँ ये क्या ?विकास ने कहा ,नहीं माँ नहीं माँ ने अपनी कसम दे दी ,विकास ने कहा की पर पापा |माँ ने कहा उनको कुछ नहीं पता, ये अम्मा ने चलते वक़्त मुझे दिये थे |
ओ मेरी अच्छी ''माँ '' |विकास ने अपना ''मुकाम'' हासिल कर लिया,पर माँ के गहने उसे कचोटते रहते थे |पर माँ को उसने हमेशा बहुत खुश देखा,धीरे -धीरे वो सब भूल गया |माँ ने उसकी शादी बहुत अच्छी लड़की से कर दी ,बहुत बडे घर की थी |गहनों से सजी ममता अपने साथ ढेर सा सामान लायी थी ,विकास के पापा के मना करने के बाद भी ममता के पापा ने उसको बहुत सा सामान दिया था|
विकास के पापा बहुत दुखी थे ,और उसका कारण विकास को जल्द पता चल गया |ममता जल्द ही अलग हो गयी,विकास को माँ की बहुत याद आती |कुछ समय बाद ,विकास भी एक प्यारी से ''शुभी'' के पापा बन गए|आज शुभी के स्कूल में एक फंक्शन है जिसमे विकास और ममता दोनों को जाना था |
दोनों स्कूल में गए ,सबसे पहली परफोर्मेंस शुभी की ही थी |वो stage पर आई शुभी ने अपनी सुरीली आवाज में गाना शुरू किया |''माँ, प्यारीsss माँ, मम्मा'' ना जाने विकास को क्या हुआ की वो सुन ही नहीं पाए और वहा से भाग कर सीधा माँ के पास पहुचे ,और माँ कह कर रो पडे |और उस दिन के बाद सब साथ रहने लगे |
चलते -चलते =जिंदगी की उलझने शरारतो को कम कर देती हैं ,
और लोग समझते हैं की वो बडे हो गए ||
दो पंछी सोच समझ कर एक दसरे से अलग हुए,
पर फिर भी वो ना रहे ,क्यों ?क्यूंकि उन्हे मालूम ना था ,
की नजदीकिया पहले आदत ,फिर जरुरत और फिर ,
जिंदगी बन जाती हैं ||


nice story...
ReplyDeletenice story ...
ReplyDeletenice story ...
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