
''NIK''
24 दिसम्बर 2009 निक अपनी bike पर जा रहे थे ,रात का समय था |उनके घर और ऑफिस के बीच का रास्ता थोडा सुनसान सा पड़ता है |मगर अब उनको इसकी आदत हो चुकी है ,अचानक उनकी नजर लिफ्ट लेती एक लड़की पर पड़ी ,उन्होने अपनी bikeरोकी और उस लड़की को लिफ्ट दी |
उस दिन के बाद दोनों के मिलने का सिलसिला चल निकला ,लड़की ने उनको कभी अपने घर के बारे में नहीं बताया था |जब भी निक जानना चाहते ,वो टाल जाती थी|निक को उसने अपना नाम ऐना बताया था,वो कहते है की ऐना सबसे अलग थी |
निक ऐना को अपने घर ले गए ,अपनी मम्मी -पापा से मिलाया ,दोनों ने उसको पसंद कर लिया |उन्होने ऐना से कहा की, वो सन्डे को उसके घर उसके मम्मी -पापा से मिलने आयेंगे | निक सन्डे का बेसब्री से इंतज़ार करने लगे ,आखिरकार सन्डे आ ही गया |
ऐना की बताई जगह पर वो अपने परेंट्स के साथ पहुचे ,ऐना के परेंट्स उन्हे अपने परेंट्स से बहुत young लगे पूछने पर ऐना के पेरट्स ने बताया, की उनकी शादी बहुत जल्दी हो गयी थी |शादी की डेट भी फिक्स हो गयी थी निक ऐना को और ज्यादा घुमाने लगे ,और ज्यादा गिफ्ट्स देने लगे |

शादी का दिन भी आ गया ,सारे रिश्तेदारों को बुलाया गया |शादी वाली जगह ,निक सबके साथ पहुचे मगर वो जगह बिलकुल वीरान पड़ी हुई थी |फिर वो ऐना के घर भी पहुचे ,मगर वहा कुछ भी नहीं था |वो अपने घर गए सब बहुत उदास थे |
निक हैरान ,परेशान से अपने कमरे में गए ,वहा पर ऐना को दिए सारे गिफ्ट्स मुजूद थे |कहाँ से आये ?कौन रख गया ?कुछ नहीं पता |पर उनकी हालत बहुत ख़राब हो गई ,वो ऐना के बिना जीने की कल्पना भी नहीं कर सकते थे |उन्होने कभी शादी न करने का निर्णय ले लिया |
उनके परेंट्स ने भी उनको फिर कभी शादी करने के लिए नहीं कहा,अपना जीवन उन्होने समाजसेवा में और ''प्रभु चरणों '' में लगा रखा है | (मशहूर शायर की पंक्तिया चलते -चलते )
चलते -चलते = दर्द क्या होता है ,बतायेंगे एक दिन
कमाल की एक ग़ज़ल ,सुनायेंगे एक दिन
उडने दो इन परिंदों को ,आजाद फिज़ाओ में
अपने हुएय ,तो लौट के आयेंगे एक दिन ||

उडने दो इन परिंदों को ,आजाद फिज़ाओ में
अपने हुएय ,तो लौट के आयेंगे एक दिन ||

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