COPY CODE SNIPPET its tym to lyf moments (IMAGINARY STORY ): March 2011

Thursday, March 31, 2011

mano ya na mano(xx) part (STORY)


scraps for orkut



गतांक से आगे ......
राजन ने सोचा की अगर तनु को कुछ हो गया तो वह कहीं का भी नहीं रहेगा |वह यहाँ से बहुत दूर चला जायेगा |अभी राजन ये सोच ही रहा था की उसे सामने से तनु आते ही दीखाई दी ,राजन तनु को झकझोरते ही पूछा की तुम कहाँ चली गयी थी|तनु ने कुछ नहीं कहा ,फिर उसने राजन से कहा की चलो घर चलते हैं|दोनों घर की तरफ चल दिए परन्तु जब वो दोनों वहां पहुचे तो उन्हे उनका घर कहीं दीखाई नहीं दिया उन्होने आस-पास के लोगो से पूछा तो सब नए पडोसी थे |और उन्होने ऐसा घर कभी नहीं देखा था जैसा राजन और तनु बता रहे थे |दोनों को कुछ समझ नहीं आ रहा था की घर कैसे गायब हो सकता है |     

Nature Scraps, nature graphics, and nature images for Orkut, Myspace, Facebook, Hi5, Tagged

जगह तो वाही है जहाँ उनका घर हुआ करता था |जब कुछ समझ नहीं आया तो तनु ने राजन से कहा की स्कूल चलते हैं आज वहीँ रह लेते हैं |फिर दोनों स्कूल चले गए सुबह को स्कूल में बच्चे आने लगे तनु उन बच्चो में busy हो गयी तभी एक बच्चे की मम्मी तनु के पास आई और बोली की कल हम आपके घर आये थे आप कहाँ चले गए थे तनु उनकी बात सुन कर आश्चर्यचकित रह गयी वो क्या कहती की उन्हे तो उनका ही घर नहीं मिल रहा |तनु ने राजन से कहा की एक बार और घर चलते हैं |दोनों घर की तरफ चल दिए घर वैसा ही था कोई परिवर्तन नहीं था |दोनों में से कोई भी घर के अंदर जाने की पहल नहीं करना चाहता था |उन्होने आस -पास देखा सारे उनके वाही पडोसी थे |फिर तनु ही अंदर गयी उसके पीछे राजन भी आ गए ,राजन ने तनु से कहा की हम वापस अपने घर मौली चलते हैं |तनु ने कहा की हम आज ही जायेंगे|तनु ने उसी वक़्त अपना स्कूल अपनी फ्रेंड मानसी को दे दिया |मानसी ने कहा की तनु ये तुम्हारा ही स्कूल रहेगा हमेशा तुम जब भी चाहो उसे वापस ले सकती हो |और उसके बाद तनु और राजन वापस अपने घर की तरफ चल दिए |

अभी वो घर से निकले ही थे ,की उन्हे रिंकी मिल गयी रिंकी ने कहा की आप लोग कहाँ जा रहे हैं |राजन ने कहा की वो वापस अपने घर जा रहे हैं |तब रिंकी ने कहा की वो ऐसे यहाँ से नहीं जा सकते ,राजन ने कहा की वो कैसे रोक सकती है तो तनु ने कहा की राजन अगर तुम गए तो तुम्हारे साथ वही होगा जो रास्ते में हुआ था |और फिर मौली जाकर वो होगा जो कल हुआ था तुम्हारा घर ही तुम्हे नहीं मिलेगा वो एक ऐसा मायाजाल फैला देगी एक ही जैसी अनगिनत जगह बना देगी की तुम पहचान ही नहीं पाओगे की तुम्हारा घर कौन सा है |तब राजन ने रिंकी से पूछा की तुम हमसे से क्या चाहती हो |रिंकी ने कहा की वो अभी कुछ नहीं बता सकती पर वो उन दोनों को यहाँ से जाने नहीं देगी ,और रिंकी उन दोनों को घर वापस ले आई |       

घर आने के बाद सब अपने -अपने रूम में चले गए ,राजन ने तनु से कहा की वो कुछ देर के लिए बहार जा रहा है ,अभी आ जायेगा तनु ने कुछ नहीं कहा राजन के बहार जाते ही तनु उसी कमरे में चली गयी वहां जाकर वो उसी cave में चली गयी उस cave में बहुत से रास्ते जा रहे थे |और बहुत अँधेरा हो रहा था तनु उस अंधेरे रास्ते पर ही आगे बढ़ चली तभी चारो तरफ मशाले जलने लगी तनु ने देखा की जगह -जगह पत्थर के लोग खडे हैं जो देखने में ऐसे लग रहे थे की अभी बोल पड़ेंगे तनु उनको हाथ लगाने वाली ही थी की एक आवाज़ आई तनु इसे मत छुना नहीं तो तुम भी ऐसे ही पत्थर की बन जाओगी तनु ने हाथ पीछे कर लिए और वही रुक कर और awaj      
                                                                                                          
     

की प्रतीक्षा करने लगी मगर जब कोईभी आवाज नहीं आई तो तनु आगे बढ़ाने लगी आगे तनु को बहुत सी कांटेदार झाडिया मिली तनु उन्हे हाथ से ही हटा कर आगे बढने लगी तनु के हाथो में कांटे लग गए तनु तब भी नहीं रुकी वो आगे बढती गयी तनु एक बर्फीली जगह पहुच गयी वहां चारो तरफ बर्फ ही बर्फ थी विचित्र से मानव और विचित्र से जानवर थे तनु थोडा और आगे गयी तो आधा मानव आधा शेर तनु के पीछे आने लगा तनु भागने लगी और भागते- भागते उसका पाँव फिसला और वह गिरती चली गयी जब तनु की आँख खुली तो उसने देखा की बहुत बड़ी -बड़ी चीटिया उसके सामने खड़ी हैं जो हैं तो इंसान मगर उनके मुह चीटियों जैसे हैं |और वो न जाने कौन सी भाषा बोल रही हैं तनु ने कहा की में कहाँ हूँ तो एक चीटी ने तनु की भाषा में ही जवाब दिया की तुम हमारे विचित्र लोक में हो यहाँ तुम क्यों आई हो जिस चिति ने तनु की बात का उत्तर दिया था उसी
ने तनु से प्रशन किया तनु ने कहा की में तो ये देखने आई थी की ये गुफा कहाँ तक जाती है |क्रमश:
  
 orkut scraps

                                                         

Monday, March 28, 2011

mano ya na mano(xvii) part (STORY)


तनु ने उस थम्ब manसे पूछा की उसे क्या करना होगा उसने कोई जवाब नहीं दिया फिर वो उसे अपने राजा   के पास ले गया|तनु ने राजा से पूछा की उसे क्या करना होगा |तब राजा ने तनु को बताया तनु तुम्हारी दुनिया में कुछ पुण्यात्मा व्यक्ति होते हैं और कुछ पापत्मा व्यक्ति होते हैं |ये दो तरह के इंसान होते हैं जो पुण्यात्मा होते हैं उनके नाम का दीपक स्वर्ग में जलता है  उसकी लौ पीले रंग की होती थम्ब man कभी किसी भी युग में जन्म नहीं लेंगे क्युकी उनको श्राप मिला हुआ है की एक बार उनका अस्तित्व समाप्त मिट जायेगा तब तनु ने पूछा की वो क्या कर सकती है?तब राजा  ने कहा यदि यहाँ पर  थोड़ी से रज को रख ले तो यहाँ के काले दीपक की रौशनी थोड़ी कम हो जाएगी |राजा  ने तनु को आगे का मार्ग दीखाया |रास्ता थोडा दुर्गम है परन्तु तुम्हे तुम्हारी मंजिल जरुर मिलेगी तनु और एक अनजान सफ़र पर निकल पड़ी | क्रमश:                                  
Nature Scraps, nature graphics, and nature images for Orkut, Myspace, Facebook, Hi5, Tagged

Sunday, March 27, 2011

mano ya na mano(xvi) part (STORY)

 Angel  Image - 1
गतांक से आगे   .......  
तनु के हाथ में  वही चीज चमक रही थी,दोनों उस चीज को जो रिंकी के हाथ में थी उससे असंख्य वस्तुएय प्राप्त कर रहे थे उसी प्रकार जैसे राजन ने उस रात रिंकी को करते ही देखा था |उस चमकने वाली चीज़ को मयंक पारसमणि कह रहा था |फिर सारी वस्तुओ को मयंक अपने साथ ले कर चला गया |

तनु अभी भी उस अलमारी के पीछे वाले कमरे में छुपी हुई थी तनु थोडा और आगे बढने लगी वो कमरा था की खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा था |तनु चलते -चलते एक जगह पहुच कर रुक गई और वही बैठ गयी उसके बैठते ही सामने की दीवार अपने आप हट गयी और वहां एक cave बन गयी तनु उसमे चली गयी तनु के अंदर जाते ही वो दीवार वापस अपनी जगह आ गयी |
उधर राजन अपनी मीटिंग attend करके वापस अपने घर आ रहा था रास्ते में उसका वहिकल ख़राब हो गया उसने बहुत ठीक करने की कोशिश की परन्तु वो ठीक ही नहीं हुआ रात गहराती जा रही थी सड़क सुनसान होती जा रही थी राजन की कुछ समझ नहीं आरहा था की वो क्या करे उसने सोचा की थोडा आगे जाकर देखता हूँ शायदकोई लिफ्ट मिल जाए ये सच कर वो आगे बढने लगा आगे जाने पर उसने देखा की एक बच्चा बहुत रो रहा है उसने बच्चे के पास जाकर पुछा की तुम क्यों रो रहे हो बच्चे ने कहा क्युकी एस दुनिया का अंत करीब है हम सब काल के गाल में समा जायेंगे राजन ने कहा की कहाँ ख़त्म हो रही है दुनिया कुछ नहीं होगा बच्चा उससे बोला लौट जाओ इससे आगे मत जाना राजन ने कहा क्यों मगर वहा जवाब देने वाला कोई नहीं था |राजन दर कर वापस लौट गया और अपने वहिकल में ही सो गया |

जब राजन सो रहा था तो उसे लगा की वह उड़ रहा है उसने अपनी आंखे खोलने की बहुत कोशिश की परन्तु उसकी आंखे खुल ही नहीं रही थी उस लगा जैसे वो एक बडे से झूले पर बैठा है |और उसके साथ सारी दुनिया झूले पर बैठी है उसने असी चिल्लाने की आवाज़ सुनी जैसी अक्सर लोग झूले         
पर बैठने के बाद करते हैं |और इसी अहसास के बाद राजन की आंखे चिडियों के चहचाहने से खुली सड़क पर लोग आ जा रहे थे |राजन किसी तरह अपने घर पंहुचा तनु उसी का इंतज़ार कर रही थी |  क्रमश:         
Flowers from Heaven  Image - 3

Saturday, March 26, 2011

mano ya na mano ( apkey anmol pal)

आप अपने यादगार लम्हे जो सबको बताना चाहते हो, ''मानो या ना मानो अनमोल पल''में लिख कर भेज सकते हैं|समय आने पर वो आपके ''पल'' publish किये जायेंगे|   

नियम व शर्ते=
१-इसका उद्देश्य केवल आपकी बात दुसरो तक पहुचना है |
२-इसमे कोई इनाम राशी नहीं रखी गयी है |              
3-मानो या ना मानो (आपके अनमोल पल )एक सुनी-सुनाई 
    घटनाओ पर आधारित पोस्ट है |
 4-life moments में केवल सुनी -सुनाई  बातें एवं कहानिया ही लिखी जाती हैं ,वास्तविक दुनिया से इस ब्लॉग का कोई लेना या देना नहीं है ,त्रुटियों के माफ़ करें .धन्यवाद ।                                                                                                                                     

Rose images, rose scraps, rose day wishes for Orkut, Myspace
                                                                                                                                                                  
                                                                    
                             -                        

Friday, March 25, 2011

mano ya na mano (xv) part (STORY)




गतांक से आगे .......
न जाने कब तक राजन तनु को अपने से चिपकाये रहा उन दोनों की तन्द्रा तब भंग हुई जब उन्होने ताली बजने की आवाज़ सुनी वो दोनों छिटक कर अलग हो गए देखा तो रिंकी ताली बजा रही थी|तनु शर्मा कर अंदरचली गयी    
रात को राजन आज घर के बहार बास्केट ले कर खड़ा हो गया वो आज ही इंसान बन जाने वाला सांप पकड़ना चाहता था|क्युकी वो आज ही एक सपेरे के पास गया था और उस सपेरे ने राजन को सांप के बारे में बहुत सारी बाते बताई थी|उस सपेरे ने राजन को ये भी बताया की बहुत से इच्छाधारी सांप होते हैं जो जब चाहे इंसान बन जाते हैं |और इनके पास एक नागमणि भी होती है जिससे जो मांगो वो मिल जाता है |
 
राजन पहले तो लालची नहीं था परन्तु जबसे वो शहर में आया है तबसे वो पैसे के पीछे थोडा पागल हो गया है |और उसे अब हर कीमत पर नागमणि चाहिए थी |अचानक राजन ने देखा की एक सांप रेंगता हुआ आ रहा है राजन ने झट से उस सांप को बास्केट में पकड़ लिया और उसे अलमारी वाले रास्ते 
से अंदर कमरे में छुपा दिया और आकर ऐसे सो गया मानो जैसे कुछ हुआ ही न हो
 
 अगले दिन राजन कुछ जल्दी उठ गया और जल्दी से उस कमरे में पंहुचा जहा सांप रखा हुआ था |राजन ने बास्केट खोली तो सांप फन फैला कर खड़ा हो गया राजन डर कर पीछे चला गया तो वह सांप अलमारी वाले रास्ते से बहार चला गया राजन उसे पकडने उसके पीछे भागा मगर तब तक सांप उसकी आँखों से ओझल हो चूका था और किसी सुरक्षित स्थान पर जा चूका था |राजन को निराशा हात लगी मगर उसने सोचा कोई बात नहीं आज रात को तो जरुर आयेगा तब वह उसे पकड़ कर रहेगा |

मगर आज जब राजन ऑफिस गया तो वहां जाकर उसे पता चला की उसे एकअर्जेंट मीटिंग में शहर से बहार जाना पडेगा राजन को जब ये  पता चला तो वह मन ही मन बहुत दु:खी हुआ साथ ही वो तनु को भी अकेला नहीं रहने देना चाहता था |वो जल्दी से घर गया और तनु से बोला की तुम भी मेरे साथ चलो तनु ने कहा की वो क्या करेगी आप तो अपनी मीटिंग में busy हो जायेंगे और में बोर होउंगी राजन ने कहा की तुम अकेले यहाँ रहकर क्या करोगी तो तनु बोली मैं कहाँ अकेली हूँ रिंकी है न मेरे पास राजन ये कैसे कहता की उसके डर से ही तो तुम्हे ले जा रहा हूँ |राजन ने तनु को साथ चलने को बहुत कहा पर तनु उसके साथ नहीं गयी आखिरकार राजन को अकेला ही जाना पड़ा |राजन बहुत निराश होकर गया |

आजकल रिंकी तनु का बहुत हाथ बताने लगी थी साथ ही वो उसको अपनी बातो से हसाती भी रहती थी रात को दोनों डिनर लेकर अपने अपने कमरे में चली गयी |न जाने क्यों आज तनु को नींद नहीं आरही थी नींद उसकी आँखों से कोसो दूर थी वह ये सोच रही थी की काश वह राजंकी बात मानकर उनके साथ ही चली जाती |उसे अचानक प्यास लगने लगी उसने जग में देखा तो पानी नहीं था आज वो पानी रखना भूल गयी थी वो पानी लेने के लिए kitchen की तरफ जाने के लिए उठी तो जैसे ही उसने कमरे का दरवाज़ा खोला तो वो हतप्रभ रह गयी क्युकी वो तो उसका घर लगही नहीं रहा था |                         

तनु का सारा घर जगमग करती हुई रौशनी से भरा था और इतनी शांति थी की तनु को एक अतभुत अनुभूति हो रही थी तनु को इतनी विचित्र अनुभूति हुई की तनु उसका वर्णन भी ठीक से नहीं कर सकती |तनु ने देखा की उसके 
घर के आँगन में सोने चांदी के वृक्ष लगे हैं |प्रथिवी की जगह मानो अम्बर
Orkut Christmas Tree scraps








            scraps
हो रिंकी भी किसी अप्सरा ,देव सुन्दरी से कम नहीं लग रही थी और ये इसके साथ में देव तुल्य युवक कौन है |दोनों न जाने किस भाषा में बात कर रहे थे तनु की कुछ समझ नहीं आ रहा था |तनु वापस अपने कमरे में चली गयी तनु ने राजन को बहुत फ़ोन मिलाया परन्तु उसका फ़ोन नहीं मिला तनु को इतना डर लगा की तनु एक अलमारी में चुप कर बैठ गयी |अचानक तनु ने कमरा खुलने की आवाज़ सुनी फिर रिंकी की आवाज़ आई की तनु तो यहाँ नहीं है फिर युवक की आवाज़ आई की जाएगी कहाँ देखो यही छुपी होगी अगर उसने बाहर का नज़ारा देख लिया होगा तो और आगे के शब्द अलमारी खोलने बंद करने की आवाज़ में गुम हो गए तनु को अब पता       चला की उसे अलमारियो में ढूंड रहे हैं वो कपनी लगी की पकड़ी गयी तो न जाने मेरे साथ क्या करेंगे और तनु डर कर और पीछे हो गयी और अचानक उसका हाथ किसी चीज पर पड़ा |तो तनु ने अपने आपको किसी कमरे में पाया रिंकी और वह युवक जिसे रिंकी मयंक कह रही थी जब तनु उन्हे नहीं मिली तो दोनों बाहर चले गए |रिंकी के हाथ में वही चमकती हुई चीज थी |                                         
                                                                                                                                                        क्रमश:

Wednesday, March 23, 2011

mano ya na mano(xiv) part (STORY)


गतांक से आगे ......
तनु को लगा जैसे वो किसी परीलोक मे आ गई है|वह कमरे से निकल लगी मगर उसे मार्ग ही नहीं मिल रहा था जो वो सोयी थी तो ऐसा कुछ नहीं था |अब कहाँ जाए वो कोई दीखाई भी तो नहीं दे रहा |उसने चारो तरफ देखा और एक राह पकड़ ली|वह आगे बढती जा रही थी अभी वो कुछ ही आगे गयी थी की आगे तो प्रथ्वी ही नहीं थी चारो तरफ पानी ही पानी था और उसमे पत्थर तैर रहे थे |तनु वापस जाने लगी तो पीछे अथाह समंदर था |             Nature Scraps, nature graphics, and nature images for Orkut, Myspace, Facebook, Hi5, Tagged

तनु आगे बढने लगी एक पत्थर पर पैर रखा तो वो नीचे डूबने लगा तनु और नीचे की तरफ जाने लगी तनु ने रिषीजी को याद किया और किसी तरह से वो फिर से उपर आने लगी अब वो समझ गयी की कुछ पत्थर तो पानी मे फिक्स हैं और कुछ पत्थर पानी मे डूब जायेंगे|अब उसको संभल कर चलना था|उसने फिर से कोशिश की उसने third पत्थर पर पैर रखा फिर रुकी फिर फिफ्थ पत्थर पर पैर रखा इसी तरह सातवे ग्याहरवे पर रखा कर रूकती फिर पत्थर चोइस करती और कूद जाती तनु ने आधा रास्ता पर कर लिया था वो जैसे जैसे आगे बढती जा रही थी |मुश्कीले बढती ही जा रही थी तनु ने जैसे ही आगे कदम बढ़ाये तो आगे आग ही आग फ़ैल गयी |                      
 
तनु एक पत्थर पर ही खड़ी थी वो पीछे भी नहीं जा सकती थी |आग थी की बढती ही जा रही थी |तनु को वापस पत्थरो गा गेम खेलना पड़ा पर ये भी ज्यादा देर नहीं चल पाया तनु ने मुश्किल से दो पत्थर ही लांघे थे के अब वहां पर नुकीली सलाखे निकल आंई वो अब तनु को समय का हिस्साब रखना पद रहा था |जब लेफ्ट और राईट की सलाखे आपस मे टकराती उसके बाद जब वो वापस जाती उनके दोबारा  आने मे जितनी देर लगती उतनी देर मे ही तनु को वहां से पार करना था और सलाखे हजारो की संख्या मे थी|तनु ने देखा की जितनी देर मे उसकी पलक झपकती है उतनी देर मे ही वो सलाखे वापस आ जाती हैं |तनु बिजली की तेजी से उस चक्रव्यू को तोडने मे लग गयी मगर ये क्या जैसे ही वो तोडने मे सफल होती सारा गेम ही बदल जाता | अब सलाखों की जगह एक स्लो म्यूजिक ने ले ली थी |तनु को संगीत की लय पर वहां से निकलना था |यह एक बड़ा ही मुश्किल काम था पर तनु को ये करना था तनु ने कभी डांस नहीं किया था न ही उसको आता था |


तनु ने डांस शुरू किया ये क्या तनु के पाऊ तो किसी प्रोफेशनल की तरह थिरक रहे हैं |तनु का अब एक ही मकसद था उस डांसिंग चक्रव्यू को तोडना   
और तनु अपनी बेइंतहा कोशिशो मे आखिरकार कामयाब हो ही गयी |तनु अब भी आगे नहीं बढ़ सकती थी क्युकी उसके आगे कोई रास्ता था ही नहीं अब तनु को वापस जाना था और फिर किसी रास्ते पर निकलना था तनु घबरा कर रूनी लगी |अचानक उसे अपने बच्चे की याद आने लगी पर उसने अपना मकसद याद किया और फिर उसने महिमा को याद किया आज उसे अपने पहले वाले महात्मा जी की बहुत याद आ रही थी तनु को अचानक सामने की दीवार मे वो मह्त्माजी दीखाई देने लगे उन्होने कहा तनु तुम घबराओ मत ये तुम्हारी परीक्षा है जो तुम्हे हर हाल मे पूरी करनी है |और हम सब तुम्हारे साथ हैं|लेकिन सिर्फ तुम्हारी कामयाबी और सलामती की सिर्फ प्रार्थना ही कर सकते हैं यह पड़ाव तुम्हे खुद पार करना होगा क्युकी तुम रास्ते से गलत अन्धकार के रास्ते पर चली आई हो यहाँ ईश्वर की सत्ता भी नियम से बंधी है अगर तुम उजालो के संसार मे होती तो शायद विधि का विधान भी बदल जाता परन्तु यहाँ सब के हाथ बंधे हैं |तनु ने बाबाजी के आगे हाथ जोड़े (मह्त्माजी )और कहा की आप निराश न हो मे यहाँ से जरुर निकलूंगी और तनु रास्ता खोजने लगी |        

 तनु अपने को संभल नहीं पायीं और वो भी रोने लगी तनु ने जैसे ही रोना शुरू किया तो वो दर्दनाक रोने की आवाज़ बंद हो गयी पर तनु का रोना रुक ही नहीं रहा था |तनु ने बहुत चाह की उसका रोना रुक जाए पर रुक ही नहीं रहा तभी वहां एक आवाज़ आई की जब तक कोई और आकर तुम्हारी तरह नहीं रोता तब तक तुम हर वक़्त यु ही रोटी रहोगी मे भी यहाँ सदियों से किसी के आने का और उसके रोने का इंतजार कर रही थी |तनु घबरा गयी मगर फिर उसने समझदारी से काम लिया वो अपने बच्चे अपने पति और अपने घर को याद करने लगी अचानक वहां महिमा आ गयी और वो रोने लगी तनु ने कहा महिमा तुम यहाँ क्यों आई हो महिमा कुछ बोल ही नहीं प् रही थी वो सिर्फ रोये ही जा रही थी |तनु अब तुम आगे बढ़ो तभी बाबाजी की गंभीर और थारी हुई आवाज़ आई तनु महिमा को वहां छोड़ कर नहीं जाना चाहती थी पर उसे जाना पड़ा तनु महिमा को रोती हुई छोड़कर अपने अगले पड़ाव पर निकल पड़ी|    


तनु को आगे जंगल ही जंगल मिले तनु चलती चली गयी |तनु को आगे एक पेड मिला जिसमे उसके जमाने की सारी वस्तुएये लग रही थी परन्तु तनु ने उसकी तरफ देखा भी नहीं तनु को अब यहं से निकलना था |तनु अकेलेपन से बहुत घबराती थी और यहाँ वो बिलकुल अकेली थी |तनु आगे बढ़ी तो उसे बचाओ बचाओ की महीन महीन से आवाज़ सुनाई दी तनु ने चारो तरफ देखा उसे कुछ दीखाई नहीं दिया|तब एक आवाज़ आई की नीचे देखो तनु ने नीचे देखा तो उसे छोटे छोटे गुड्डे गुडियों की की तरह दीखने वाले मनुष्य दीखाई दिए तनु नीचे बैठ गयी उसने अपनी हथली पे एक को उठाया तनु ने पुछा ये कोन सी जगह है|तब उसने कहा के ये अन्धकार अंधेरो की दुनिया है यहाँ पता नहीं चलता कब क्या हो जाए हमे अंधेरे का हुकुम मानना पड़ता है हम सब अंधेरे के गुलाम हैं |            
 
फिर उसने तनु से कहा की क्या तुम्हे हमारे सम्राट अन्धकार ने भेजा है |तनु ने कहा नहीं वो गलती से यहाँ आ गयी और वो यहाँ से निकलना चाहती है मगर उसको रास्ता नहीं मिल रहा |उस क्रिश्तू नाम के छोटे से व्यक्ति ने जो तनु के अंगूठे के बराबर था कहा की रास्ता यहाँ नहीं मिलता क्युकी ये एक मायावी दुनिया है |मगर अगर तनु उनकी सहायता करेगी तो वो भी उसकी सहायता करेंगे तनु कहा ने कहा की मुझे क्या करना होगा |      
                                                                         क्रमश:

Tuesday, March 22, 2011

mano ya na mano(xiii) part (STORY)



तनु भुल्भुलेया रास्ते पर चली गयी शायद नियति की यही मर्जी थी|तनु के भुलभुलिया रास्ते पर जाते ही वक्त थम गया हवाए बहनी बंद हो गयी सूरज निकलना भूल गया नदियों ने बहना बंद कर दिया जो सो रहे थे वो जागना भूल गए जो जाग रहे थे वो सोना भूल गए सब ऋषि मुनियो की समाधी भंग हो गयी प्रथिवी से लेकर स्वर्ग तक हलचल मच गयी प्रभु के आगे हाथ जोड़ लिए हे प्रभु ये कैसी लीला है आपकी|प्रभु भी नियति और नियम से बंधे है |अब तो देखना ये है की तनु अपनी सीखी हुई विद्या का कैसे उपयोग करती है| 
                       Autumn Leaf Covered Rock  Elk River  Oregon wallpapers and stock photosतनु जैसे ही जरा सी और आगे बढ़ी तभी एक तलवार की नौक उसकी पीठ पर लगी उसने पीछे मुड़ना चाह पर उसे पीछे मुड कर न देखने की चेतावनी मिली|तभी तनु के हाथ मे न जाने कहाँ से एक तलवार प्रकट हो गयी तनु ने लड़ना शुरू कर दिया जो व्यक्ति तनु की पीठ पर तलवार लगाये था उसने अपना सारा मुह कवर कर रखा था |तनु की तलवार बाज़ी के सामने वो व्यक्ति हार गया तनु ने उसके मुह पर से नकाब हटाया ये क्या उसके तो मुह की जगह से भयंकर काली रौशनी निकल रही थी |तनु वहां से भागखड़ीहुई |       



तनु को जैसे इस राह मे सिवाय मुसीबत के और कुछ मिलने वाला नहीं था |या यूँ कह लीजिये की तनु की परीक्षा हो रही थी |अभी तनु कुछ ही आगे बढ़ी थी की वो एक एसी जगह पहुच गयी जहाँ कोई किसी से बोल ही नहीं रहा था  तनु ने एक व्यक्ति से पुचा की ये कोन सी जगह है वो कुछ बोला ही नहीं तनु ने और भी लोगो से पूछा किसी ने उसकी बात का जवाब ही नहीं दिया तनु ने सोचा की या तो ये लोग गूंगे हैं या ये मेरी भाषा ही नहीं समझ पा रहे पर तनु की ये दोनों ही बाते गलत थी दरअसल वो तो तनु को देख ही नहीं पा रहे थे |
तभी एक विशालकाय पक्षी आया और तनु को अपने पंजो मे दबा कर ले गया |तनु ने बहुत निकालने की कोशिश की परन्तु उसके हाथ बंधे थे वह पक्षी ऊसको एक घाटी मे ले गया और वहां ले जाकर उसको छोड़ दिया तनु एक गहरी घाटी मे थी उसने चारो तरफ देखा वहां हीरे ही हीरे थे ये हीरे उसके किस काम के उसका तो मकसद तो अब उसे मिल चूका था उसने वहां से निकलने की बहुत कोशिस की पर घाटी की दीवारें बहुत चिकनी ,सीधी,और सपाट थी उसने महिमा को याद किया तो महिमा उसके सामने प्रकट हो गयी परन्तु उसने तनु से कहा की यहाँ वो उसकी कोई मदद नहीं कर सकती यहाँ तनु को अपनी मदद खुद करनी पडेगी क्युकी इस घाटी मे जो भी आता है उसे बिना किसी की मदद के निकलना पड़ता है अगर उसने यहाँ से तनु को निकलने मे उसकी मदद की तो तनु वापस यही इसी घाटी मे दोबारा आ जाएगी अब फैसला तनु को करना था तनु ने कहा की वो यहाँ से खुद निकलेगी तनु घाटी मे निर्जीव बन कर लेट गयी तनु को मरा समझ कर वहा पक्षी उसके पास आया जब वो जाने लगा तो तनु ने उसके पैर पकड़ लिए और घाटी से बहार आकर छोड़ दिए तनु वहां से लुढ़कती हुई पाताल मे पहुच गयी|

वहां चारो तरफ फूल ही फूल थे |तनु ने एसी जगह कभी सपने मे भी नहीं देखि थी मधुर मधुर संगीत बज रह था हवाओं मे भीनी भीनी खुशबु फैली थी |निर्मल झरने बह रहे थे ,तनु की मनो ये सब देख कर सारी थकन ही मिट गयी थी|तनु गलीचे जैसी फूलो पर सो गयी |जब उसकी आंखे खुली तो उसने अपने आपको किसी कमरे मे पाया |क्रमश:             

 

Monday, March 21, 2011

mano ya na mano(xii) part (STORY)

गतांक से आगे .......
तनु छोटे से बच्चे के इस प्रशन को सुन कर अवाक् रह गयी वो बच्चे को ये
कैसे बता सकती की वो तो खुद एक परछाई है तो उसकी परछाई कैसे बनेगी
तनु ने सोचा की और बच्चे इस प्रशन को उठाये या इस बच्चे के mind मे ये बात ज्यादा देर तक रहे तो उसने एक दम बात को बदल दिया उसने कहा की आओ बच्चो हम अंदर जाकर खेलते हैं|तनु सब बच्चो को अंदर ले जाकर उनके साथ खेलने लगी तब तक वो बच्चा अपना प्रशन भूल चूका था 
उधर राजन रिंकी के बारे मे सोच रहा था और आज रात को क्या किया जाए इसका प्लान बना रहा था |रात को सब खाना खा कर सोने चले गए राजन ने जब देखा की तनु गहरी निद्रा मे है तब वो उठा और अलमारी वाले रास्ते से रिंकी के कमरे के सामने पहुच गया |और फिर पेंटिंग हटा कर वहाँ अपने साथ लाया handicam लगा दिया और कमरे के अंदर की सी डी बनाने लगा रिंकी ने आज भी एक बेहद खुबसूरत लिबास पहन रखा था |                                Cute Girls Pictures
मगर आज वो खिड़की के पास खड़ी थी और किसी का बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी तभी एक सांप वहां रेंगता हुआ खिड़की के रास्ते से अंदर आया और अंदर आते ही एक युवक मे परिवर्तित हो गया वह युवक पहली रात वाला ही था |तनु के हाथ मे अब फिर वही रोशनीदार वस्तु थी और सारा कमरा सतरंगी रौशनी से भरा गया और ये क्या तभी सारा कमरा गोल-गोल घुमने लगा कमरा इतनी तेज़ी से घुमा की राजन ये बर्दाशत नहीं कर पाया और और बेहोश होकर गिर पड़ा |राजन पता नहीं कब तक ऐसे ही पड़ा रहा जब उसको होश आया तो उसने सब से पहले रिंकी के कमरे मे देखा तो उसने देखा की रिंकी गहरी नींद मे सोयी है |         

राजन वापस अपने कमरे मे आ गया मगर उसका सारा बदन फोडे की तरह दुःख रहा था |उसने फर्स्ट ऐड बॉक्स निकला उसमे से एक पैन किलर ली उसको पानी के साथ खाकर सो गया जल्द ही वो गहरी नींद के आगोश मे चला गया |सुबह को kitchen मे खटर पटर की आवाज़ से तनु की नींद खुल गयी उसने पास सोये राजन की तरफ देखा कैसे बच्चो की तरह सोया है |फिर राजन को ठीक से ब्लेंकेट उढ़ा कर कर kitchen की तरफ चली गयी |वहां रिंकी सबके लिए चाय छान रही थी |तनु ने रिंकी से कहा की वह क्यों परेशान हुई तो रिंकी ने कहा की उसे kitchen का काम करना अच्छा लगता है |तनु ने एक चाय ली और राजन को देने चली गयी |
                        
तनु बाथरूम मे थी उसने वहां किसी के रोने की आवाज़ सुनी तनु जल्दी से बहार आई उसे कहीं कुछ दीखाई नहीं दिया |तनु तैयार होकर स्कूल चली गयी तनु का आज स्कूल मे मन नहीं लगा उसने बच्चो की जल्दी छुट्टी करके घर आकर लेट गयी कब उसे नींद ने धर दबोचा उसे पता ही नहीं चला     
बहुत तेज तेज कोई दरवाज़ा बजा रहा था उससे तनु की नींद टूट गयी वह जल्दी से बहार आई देखा राजन बदहवास से खडे हैं |तनु ने कहा की वो सो रही थी |राजन ने कुछ नहीं कहा बस तनु को अपने सीने से चिपटा लिया |
scraps
                                                                                                     to be continued              

Sunday, March 20, 2011

mano ya na mano(xi) part (STORY)


           







 राजन ने तनु से कहा की वो सुबह को रिंकी को निकल दूंगा |अब इससे आगे ....
सुबह रिंकी डायनिंग टेबल पर इस तरह मिली जैसे कुछ हुआ ही न हो तनु ने कुछ बोलने को मुह खोला ही था के राजन बोल पड़ा रिंकी तुम रात को कहीं बहार गयी थी क्या रिंकी हडबडा गयी उसने कहा की नहीं मे तो अपने रूम मे थी फिर वहा बिना ब्रेक फास्ट किये वहां से चली गयी |तब राजन उठा और रिंकी के कमरे मे गया वहां जाकर उसने रिंकी की का बैग पैक कर दिया और ऑफिस जाते वक़्त उसने तनु से कहा की जब रिंकी आये तो उससे कहा देना की वो अपने रहने का इंतजाम कही और कर ले तब तनु ने राजन से कहा की वो एक बार तनु को अपनी बात कहने का एक मौका तो दे राजन बिना कुछ कहे वहां से चला गया |
 
रिंकी शाम को आई और आते ही अपने कमरे में चली गयी वहां उसे अपना बैग पैक मिला तो वह समझ गयी की उसे निकला जा रहा है तब वह तनु के पास गयी उसने तनु से पूछा की उसने किया क्या है जो उसका बैग पैक कर दिया अभी तनु कुछ बोलने ही जा रही थी की राजन आ गया वह रिंकी से कुछ बोलने जा ही रहा था की उसने देखा की रिंकी की आँखों का कलर बदल रहा है वो चुप हो गया और उसने एकदम बात बदल दी वो रिंकी की सच्चाई जानना चाहता था |उसने रिंकी से कहा की वो रूम को white wash करा रहा है इसलिए उसका सामान पैक किया है
रिंकी को दुसरे कमरे मे shifft कर दिया रात को डिन्नर के बाद सब अपने अपने कमरे मे चले गए तनु आज स्कूल मे बच्चो के साथ बहुत थक गयी थी सो वह जल्द ही नींद के आगोश मे चली गयी|तनु के सो जाने के बाद राजन धीरे से बेड से उठा और एक अलमारी की तरफ बढ़ा उसने अलमारी खोली हँगेर मे टंगे कपड़ो को एक तरफ किया और वहां लगे एक स्विच को पुश किया तो अलमारी मे पीछे की तरफ एक रास्ता बन गया राजन वहाँ से अंदर चला गया वो रिंकी के कमरे के बहार था |उसने एक पेंटिंग को थोडा खिसकाया तो वह रिंकी के कमरे के अंदर देख सकता था वह वहीँ खड़ा होकर रिंकी के कमरे मे अंदर देखने लगा उसने देखा की एक सांप रेंगता हुआ विंडो मे से आया और रूम मे आकर एक युवक मे तब्दील हो गया तभी उसने रिंकी की तरफ देखा रिंकी ने नीले रंग का एक बेहद खूब सूरत लिबास पहन रखा था और उसके हाथ मे एक चकाचुओंध करने वाली एक वस्तु थी |



फिर रिंकी ने थोड़ी से mud ली उससे जमीन पर लेप किया उसके बाद उस चमकती हुई वस्तु को उस लेप वाली जगह पर रखा फिर रिंकी और वह युवक दोनों उस चमकती चीज़ के सामने हाथ जोड़ कर बैठ गए और उस चीज़ की पूजा करने लगे उसके बाद वहां पर अनगिनत व्यंजनों का ढेर लग गया दोनों ने वो भोजन खाया और उसके बाद उस कमरे मे गहन अन्धकार छा गया |राजन वापस अपने कमरे मे आ गया तनु gahriनींद मे 


             

सुबह को जब तनु और राजन तैयार होकर अपने कमरे से बहार आय जब उन्हें रिंकी कही दिखाई नही दी , राजन आपने काम से बहार चले गए और तनु अपने स्कूल चली गई | सब बच्चे धुप में खेल रहे थे , तनु भी बच्चो के साथ खलने चली गई थी | अचानक एक बच्चा तनु से बोला mamआपकी परछाई कहाँ है ?  to be continued..

Wednesday, March 9, 2011

mano ya na mano (ix)part (STORY)







तनु समाधी मे लीन यही और अपनी अंतरातमा से श्री कृष्ण जी की बाल लिलाओ का प्रत्यश दर्शन कर रही थी |कहीं कृष्ण ओखली से बंधे हैं कही अपने सखाओ को सुर्प मुख से बहार ला रहे हैं |और कहीं तो  माखन लीला  |तनु समाधी मे इतनी लीन थी की उसे तन मन की कोई सुध नहीं थी वह तो अपना सर्वस्व परमात्मा मे लीन कर चुकी थी |और ये भी भूल चुकी थी की उसका मकसद क्या है |तनु अभी इन बाल लिलाओ का दर्शन कर ही रही थी की उसका मन फिर डोलने लगा  वो थोडा और अपनी आत्मा को पवित्र करना चाहती थी |कहते है न की इंसान की इछाओ का अंत नहीं होता तनु के साथ भी यही हो रहा था मनो वहा अपने आपको सिद्ध करना चाहती थी मानो सोच रही हो की बस अब तो एस churasi लाख से पार उतरना है ऋषिजी तनु के मन की बात समझ गए मगर वो ये बात तनु के मुख से सुनना चाहते थे| तनु ने अपने चक्षु खोले और सजल नेत्रों से ऋषिजी को अपनी बात बताई साथ ही उसने ये भी कहा की क्या वो इस लायक है |तब ऋषिजी बोले  की तनु मे इसी बात की प्रतीक्षा कर रहा था की कब तुम मुझसे ये बात कहोगी |तनु ने कहा की क्या मेरी ये बात पूरी हो पायेगी तब ऋषिजी ने कहा की तनु तुम इन दुर्लभ षडो का अवलोकन यहीं कर लो और                                                                                                                              
ऋषि ने तनु को उन षडो का उस दुर्लभ द्रश्यो का अवलोकन  कराया .........to be continued .......                        
Krishna_Arjuna.gif
                                                                                     
                                                                               

Tuesday, March 8, 2011

mano ya na mano (viii) part (STORY)

एक दिन तनु ने राजन को एक लड़की के साथ देखा तो पहले तो उसे अपनी 
आँखों पर विश्वास नहीं हुआ |उसने सोचा की हो सकता है क्युकी राजन का काम सबसे मिलने जुलने का है तो हो सकता है की वो उसकी फ्रेंड हो मगर 



जब घर के हालत बिगडने लगे और राजन ने तनु पर ध्यान देना बंद कर 
दिया तो तनु ने सोचा की उसे कुछ करना चाहिए उसने पहले तो राजन को बहुत समझाया की वो शहर की चकाचोंध मे न पडे ऐसा करने से आपका अस्तित्व ख़तम हो जायेगा जमाने के साथ चलने का ये मतलब नहीं की आप उसकी बुरइयो को अपना ले आप शहर की सिर्फ acchaiyo पर  ध्यान 
दीजिये दोस्त बनाने के लिए मै मना नहीं करती चाहे आप लडकियों से दोस्ती कीजिए मगर उससे घर प्रभावित नहीं होना चाहिए |पता नहीं राजन ने तनु की कितनी बात समझी और कितनी मानी ये तो आने वाला वक़्त ही बताएगा तनु ने अपने आपको वक़्त के हवाले कर दिया वह हर तरह से अपने आपको तैयार करना चाहती थी |उसे ऐसा लगा की उसकी पतवार 
मझधार मे डूबी है उसने भगवान् पर भरोसा रखा और राजन को कुछ भी कहना छोड़ दिया |वो कब आते हैं कब जाते हैं वो सब कुछ देखा कर भी अब मौन रहने लगी |पर एक बात का वो हमेशा ध्यान रखती थी की उससे कोई भूल न हो जाये वह राजन को कुछ भी कहने का एक भी मौका नहीं देना चाहती थी |
  
तनु ने आस पास के छोटे छोटे बच्चो को इकट्ठा करके पढ़ाना शुरू कर दिया और उसने एक छोटा सा स्कूल खोल लिया |
                                         
तनु रात दिन बच्चो मे खोयी रहने लगी राजन और तनु अपनी अपनी दुनिया मे खोये थे |एक दिन राजन के मम्मी पापा उसके घर बिना खबर किये आगये उन्हे कुछ पता न चले इस बात का राजन ने पूरा ध्यान रखा 
तनु तो पहले ही राजन के माता पिता की आँखों का तारा थी |क्युकी वो उसको शादी से पहले से ही जानते थे तनु उनके पडोसी की ही बेटी है |पर 
न जाने कैसे राजन की मम्मी को राजन के बहकते कदमो के बारे मे पता चल गया एक दिन राजन को उसकी मम्मी ने बहुत समझाया की तुझ हे                                           
तनु जैसी लड़की कहीं नहीं मिलेगी तू उसका धयान रखा कर राजन अपनी मम्मी की बात बहुत मानता था तनु ने सोचा की काश वो ये बात भी मान ले
तनु माँ बेटे की बात को सुन रही थी |

राजन ने अपनी माँ से कहा की आपको ऐसा क्यों लगता है तनु ने कुछ कहा आपसे तो उसकी मम्मी बोली उसने कुछ नहीं कहा मगर मे एक माँ हूँ और तनु को मे बचपन से जानती हूँ |मुझे पता है तू चाहे उसे कितना ही दुखी क्यों न कर ले वो कुछ नहीं बताएगी राजन ने तब अपनी माँ से कहा की वो कोशिश करेगा की तनु कभी उसकी वजह से परेशान न हो |तब राजन की माँ ने कहा की तुम मुझे वचन दो तभी तनु सामने आ गयी और उसने राजन की माँ से कहा की मे बहुत खुश हूँ आप मेरी वजह से इन्हे किसी वचन मे मत बांधिए |राजन तनु को देखता रह गया और उसने मन ही मन 
तनु को मानो कहा की तुम्हे मेरी वजह से कभी परेशानी नहीं होगी |

और उस दिन के बाद राजन ने तनु पर ध्यान देना शुरू कर दिया वह उसकी हर जरुरत का ध्यान रखने लगा सब कुछ ठीक हो जाने पर राजन के मम्मी पापा वापस अपने घर चले गए |सब कुछ ठीक चल रहा था फिर एक दिन राजन किसी रिंकी नाम की लड़की को घर लेकर आया और तनु से कहा की ये मेरी फ्रेंड है और ये शहर मे नई आई है इसके पास रहने के लिए घर नहीं है क्या तुम थोडे दिनों के लिए इसे अपने घर मे रहने दोगी तनु ने कहा ठीक है  
वह राजन के उपर शक नहीं किया तनु ने अपने घर का सबसे अच्छा कमरा रिंकी को दे दिया |राजन और रिंकी सुबह को साथ मे जाते और साथ ही वापस आते आस पड़ोस की की महिलाओ ने तनु से पूछना शुरू कर दिया की यह लड़की कोन है तनु ने बताया की राजन की दोस्त है तब उन्होने कहा 
की कहीं ऐसा न हो ये तुम्हारी जगह ले ले पर तनु राजन के प्यार मे इस कदर डूबी थी की उसने किसी की भी सलहा पर ध्यान नहीं दिया |

तनु अपने स्कूल मे ज्यादा बच्चे आने की वजह से बिजी हो गयी और ज्यादा थकी रहने की वजह से रात को खूब गहरी नींद मे सूनी लगी 
इसी तरह वक़्त गुज़र रहा था की एक दिन रात को किसी की खिलखिलाहट 
से उसकी नींद टूट गयी हंसी की आवाज़ तनु के कमरे से आ रही थी तनु उठी और आवाज की तरफ जाने के लिए उसने कदम बढ़ा लिए |कमरा अन्दर से बंद था |तनु बहार गयी तो उसे एक खिड़की खुली दीखाई दी उसने 
अंदर झांक कर देखा तो सन्न रह गयी .......
                                                    to be continued   
   

Monday, March 7, 2011

mano ya na mano (vii) part (STORY)

तनु ne
भगवान की लीलाओ की झाँकियो के  दर्शन किये  |

तनु ने यह सब देख कर अपनी आँखों को पवित्र कर लिया ,और फिर वो 
वहां से जाने के लिए मुड़ी ही थी की फिर पलटी और उसने वहां की रज 
उठा ली वो थोडा आगे तक गयी फिर के युगल दर्शन देखने 
लिए लौट आई और उसने युगल सरकार की झांकी के  दर्शन किये उसने 
देखा की दोनों कदम के वृक्ष पर झुला झूल रहे हैं तनु ने वो छवि अपने मानस पटल पर अंकित कर ली |वह यह द्रश्य देखने के बाद मुड़ी तो सामने 
एक ऋषिजी खडे थे तनु ने उनको प्रणाम किया उन्होने तनु को आशीर्वाद 
दिया'' विजयी भव'' फिर वो तनु को अपने साथ अपने आश्रम ले गए        
MySpace Comment Graphics

वहां उन्होने तनु को गुप्त कलाओ से परिचित कराया तनु ने बहुत धयान से 
सब रहस्य सीखे परन्तु वह एक कला नहीं सीख पायी वो परेशान हो गयी 
तब ऋषि जी बोले तनु तुम्हे जितना सीखना चाहिए था तुमने सीख लिया 
अब तुम्हे जब भी इस कला की जरुरत पडेगी तुम्हे मुझहे याद करना पडेगा 
तनु के मन मे कृष्ण की बाल लिलालो के दर्शन करने का मन हुआ उस के मन की बात वो समझ गए उन्होने तनु से कहा की वो आंखे बंद कर ले तनु 
ने आंखे बंद कर ली और उसकी समाधी लग गयी |         

उधर तनु से राजन ने कहा की वह यहाँ नहीं रहना चाहता और शहर जाना चाहता है और वह तनु को लेकर शहर आ गया तनु का वहां मन नहीं लगा 
पर राजन बहुत खुश था इसलिए तनु ने कुछ नहीं कहा और वह इसी जगह 
पर मन लगाने की कोशिश करने लगी तनु ने देखा की राजन बहुत बदलता जा रहा है पहले तो उसने धयान नहीं दिया परन्तु धीरे धीरे उसने इस बात 
पर ध्यान देना शुरू कर दिया उसने देखा की राजन पर शहर का रंग चढ़ता 
जा रहा है और एक दिन.......!!!  

Sunday, March 6, 2011

mano ya na mano (vi) (STORY)

तनु ने तभी देखा की एक परछाई राजन की तरफ बढ़ रही है |
तनु घबरा गई उसने महिमा को याद किया तो माहिमा उसके 
सामने आ गई |तनु उसको बताया तो महिमा ने कहा की ये 
तुमने राजन के भविष्य मे क्या होने वाला है वो देखा है |तनु 
ये जानना चाहती थी की वो किसकी परछाई है |उसने महिमा 
से कहा तो महिमा ने उसे अपनी हथेली पर उस परछाई को 
दीखाया पर तनु उसे पहचान नहीं पाई | 
महिमा तनु को उस गुफा से बहार ले आई |वो तनु को एक 
अविस्मरनीय जगह ले गयी |

                  


Nature scraps, nature pictures and images for orkut, myspace, blogs, forums
वही महात्माजी (बाबाजी)मिले उन्होने तनु से कहा आओ तनु
तुम्हारा ही इंतजार था |उन्होने कहा की तनु हर युग मे भगवान
एक पवित्र आत्मा को अपने cause के लिए चुनता है |तनु ने पूछा
कि मुझे किस cause के लिए चुना है ?तो मह्त्माजी बोले तुम्हे 
युग परिवर्तन मे हमारा साथ देना होगा |तुम्हे पता है कि तुम 
अतीत मे आई हो तुम अपना युग करोडो वर्ष पीछे छोड़ आई हो 
तनु बोली कि मगर मे तो अपने पति राजन को छु प़ा रही हूँ |
तो बाबाजी ने कहा क्युकी तुम्हारे को ये अद्भुत शक्तिया दी गयी 
हैं |तभी तनु को अपने बच्चे कि याद आई तो बाबाजी बोले कि  

तनु तुम्हारा लड़का दिव्य ठीक है |उसकी परवरिश एक दुसरे  
युग मे हो रही है |वह भी अतीत मे जी रहा है |और आने वाले                              
समय का सूत्रधार होगा |

कुछ रुक कर बाबाजी फिर बोले कि तनु तुम्हे न जाने कब 
किस युग मे विद्या सीखने के लिए जाना पडे जब तक तुम 
मेरा इस्मरण करती रहोगी मे तुम्हारा साथ देने के स्वयं 
भी आता रहूँगा और तुम्हारी मदद के लिए किसी न किसी 
को भेजता रहूँगा|


तनु अब तुम्हे चुनना है कि तुम किस रास्ते पर जाना चाहती 
हो और यह कह कर बाबाजी ने तनु को आने वाले युग कि तस्वीर 

Nature scraps, nature pictures and images for orkut, myspace, blogs, forums
दीखाई और कहा तनु उस शितिज़ को देखो आने वाले 
समय मे पृथ्वी से जीवन का नामों निशान मिट जायेगा 
अब तुम्हे तय करना है कि तुम विनाश मे साथ दोगी या 
पृथ्वी को बचाए रखने मे अगर तुम बचाने मे साथ देती 
हो तो तुम्हे इसी तरह युगों युगों मे भटकना पडेगा |और 
अगर विनाश मे साथ देती हो तो तुम्हे वापस अपने युग 
मे जाना पडेगा |यह कहकर बाबाजी ने तनु कि तरफ देखा 
तनु तय नहीं कर प़ा रही थी कि क्या करे उसने बाबाजी से 
कहा कि वह पहले पृथ्वी को बचाने मे साथ देगी मगर उससे 
पहले जरुरी है पृथ्वी से पाप को हटाना और अगर पृथ्वी पर 
इसी तरह पाप बढ़ते रहेंगे तो फिर पृथ्वी का विनाश होना ही 
चाहिए |बाबाजी मुस्कराए और बोले तनु तुम तो बहुत चतुर 
हो |चलो एक कोशिश पृथ्वी को बचाने कि करते हैं और दूसरी 
कोशिश और वो बात अधूरी छोड़ कर अंतर्ध्यान हो गए |और 
तनु एक अनजान सफ़र पर निकल पड़ी या यु कहिये कि अतीत 
मे न जाने किस युग मे निकल पड़ी वो नहीं जानती कि उसके 
साथ आगे क्या होगा |कोन सी मुश्किले झलनी पड़ेंगी उसे 
चारो और नए नए रास्ते जाते ही दीखाई दे रहे थे वो poorub कि
 तरफ से आती हुई तेज रौशनी वाले रास्ते मे निकल पड़ी |     
Nature scraps, nature pictures and images for orkut, myspace, blogs, forums
to be conitued

Saturday, March 5, 2011

mano ya na mano (v) part (STORY)

महिमा ने तनु को बच्चे की तरह गोद में उठा लिया |और उसको लेकर
दूसरी दुनिया में चली गयी तनु ने देखा की वो एक फूलो के बेड पर है 
और उसके चारो और परियो जैसी युवतिया हैं |सब उसकी देखभाल 
कर रही हैं |अचानक उसे फिर से लगा की वो मोटी हो रही है|और 
फिर वो बेहोश हो गयी|और जब वो जागी तो उसने देखा की उसने 
Friends18.com Orkut MySpace Hi5 Scrap Images
एक अद्भुत बालक को जन्म दिया है |जिसे एक परी ने उठा रखा है | 


तभी महिमा वहा आ गयी उसने तनु से कहा की अभी तुम्हे और 
तुम्हारे बालक को अलग रहना पडेगा |तनु वहा से अनंत की और 
Nature scraps, nature pictures and images for orkut, myspace, blogs, forums
निकल पड़ी | वह चलती ही जा रही थी उसे न जाने कितना समय 
हो गया था |वो रास्ता ख़त्म ही नहीं हो रहा था |तनु बिना कुछ खाए
पिए आगे बढती ही जा रही थी |उस कभी न ख़त्म होने वाले रास्ते पर |        


Nature scraps, nature pictures and images for orkut, myspace, blogs, forums
निकल पड़ी |रास्ते मे उसने एक जगह देखा की उसकी जैसी
हजारो तनु खड़ी हैं |वह घबरा कर रोने लगी उसके रोने से हजारो 
तनु वाले प्रतिबिम्ब बिखर गए एक आवाज़ सी हुई तनु ने देखा 
तो वह वहांअकेली थी |उसने सामने देखा तो राह दो भागो मे 
बटी थीअब तनु को उन दो रास्तो मे से एक रास्ता चुनना था|
उसने सोचा की पहले मैएक रास्ते पर जाकर देखती हूँ |अगर 
रास्ता ठीक लगेगा तो उसी पर बढाती जाउंगी नहीं तो वापस
    आकर दूसरे रास्ते पर निकल जाउंगी |यह निर्णय करके उसने
एक राह पकड़ ली |उसे आगे जाने पर चारो तरफ बर्फही बर्फ 
दीखाई दी |उसे ठण्ड लगने लगी तभी राजन जैसा  दीखने 
वाला एक युवक वहां आया उसने तनु का हाथ पकड़ लिया 
और फिर वो तनु को एक गुफा मे ले गया |उस गुफा मे 
अँधेरा ही अँधेरा था |पर तनु सब देख पा रही थी|तनु ने 
राजन की तरफ देखा पर वहां कोई नहीं था |तभी तनु 
ने वहां किसी के आने की आहट सुनी वह एक पत्थर के पीछे 
छुप गयी |उसने देखा की एक अजीब सा दीखने वाला व्यक्ति 
वहां आया उसके हाथ मे एक पींजरा है उसमे एक खुबसूरत 
पक्षी कैद है |उस व्यक्ति ने गुफा की की दीवार खिसकाई 
और उस पिंजरे को वहां छुपा दिया |तनु को लगा की मानों
वो किसी परी कथा मे आ गयी है |साथ ही वो ये भी सोचने 
लगी की उसकी क्या मंजिल हो सकती है |तभी तनु को अपने 
घर की याद आ गयी तो उसकी आँखों के सामने उसका मानों 
घर ही प्रकट हो गया | 
Nature scraps, nature pictures and images for orkut, myspace, blogs, forums
उसकी आँखों के सामने पिक्चर की तरह सब दीखाई दे रहा था|
 उसने देखा की राजन और उसके जैसे दीखने वाली तनु दोनों आपस 
मे बाते कर रहे हैं |तनु ने हाथ बढ़ा कर राजन को छुआ तो राजन 
पीछे देखने लगा उसे कुछ दीखाई नहीं दिया उसने सामने बैठी 
तनु से कहा की मुझे ऐसा लगा की तुमने मुझे पीछे से छुआ है
पर तुम तो मेरे सामने बैठी हो |और तभी तभी तनु ने देखा की ......!!!
to be continued

hello