तनु जब आगे बढ़ी तो अचानक पीछे से उसे किसी ने खीच लिया जब तनु ने मुड कर देखा तो महिमा खड़ी थी | उसने कहा की तुम गलत रास्ते पर जा रही थी| अगर तुम एक कदम और बढ़ा लेती तो और आगे के शब्द बाबाजी की आती हुई गंभीर आवाज़ मे खो गए| तनु तुम्हे अब हर कदम पर हमारी जरुरत पडेगी और यह कहकर बाबाजी anterdhayan हो गए | महिमा तनु को एक अनजान सफ़र पर लेकर निकल पड़ी | रास्ते मे तनु ने देखा की जो बाते उसने बुक्स मे पढ़ी थी या अपनी दादी से सुनी थी वही बाते अब वो स्वयं देख रही है |
उसने देखा की वह जैसे प्राचीन युग मे आ गयी है, और उन के आगे
एक अतभुत छठा बिखेरती एक तेजस्वनी युवती
उन्हे महिमा ने प्रणाम किया और कहा की वो भविष्य से एक दिव्य विभूति ले आये हैं |
उन्होने एक नज़र तनु पर डाली
उसके बाद तनु ने महिमा को देखा तो वो दीखाई नहीं दी |तनु की समझ
मे नहीं आया की वो क्या करे वो वही एक पेड़ के सहारे बैठ गयी |तभी
तनु को लगा की कोई उसके पाँव दबा रहा है जब उसने देखा तो वहा
एक खरगोश था |तनु ने उस खरगोश को हाथ मे उठा लिया तो वो

एक नन्ही सी परी बन गया और तनु से बोला की तुम भविष्य से
आई हो न तुम्हे और तुम्हारे बच्चे को बहूत बडे बडे काम करने है
आने वाले वक़्त मे हो सकता है की तुम वापस अपनी दुनिया मे
न पहुच पाओ |ये बात सुनते ही तनु को राजन की याद सताने लगी
और उसकी आंखे बंद होने लगी उसने देखा की घर मे उसकी JAISE
ही एक और तनु भी है और दोनों बाते कर रहे हैं |तनु ने अपना हाथ
बढ़ा कर राजन को TOUCH किया तो राजन इधर उधर देखने लगा
उसने सामने बैठी तनु से कहा की मुझे ऐसा लगा की तुमने मुझे पीछे
से छुआ है| पर तुम तो मेरे सामने बैठी हो | तनु ने अपना हाथ खीच
लिया तनु अपना घर देख पा रही थी और राजन व दूसरी तनु की बात
सुन पा रही थी |वो एक बात से तो निश्चिन्त हो गयी की राजन उसे
ढून्ढ रहे होंगे |अब वो अपना सारा ध्यान अपनी आने वाले मकसद
पर देना चाहती थी| तभी युवती
वहाआई और उसने तनु को एक अतभुत पुष्प दिया |
और कहा की यह फूल कभी मुरझायेगा नहीं और तुम इससे कोई
मदद भी मंगा सकती हो यह फूल जिसकी तुम्हे जरुरत होगी उसके
पास अपनी खुशबु भेज देगा और वह तुम्हारे पास आ जायेगा और
यह कह कर वो फिर से अपनी पूजा मे व्यवस्त हो गयी |तनु ने वहा
रुकना उचित नहीं समझा|
तनु चलते चलते एक सरोवर मे पहुची वहा उसने देखा की बहुत सारे

व्यक्ति सरोवर मे से पुष्प तोड़ रहे है और उन्हे एक कुएय मे डाल रहे
हैं |तनु वाही बैठ गयी तभी दो छोटी छोटी लडकिय वहा आई और
उन्होने तनु को कुछ फल दिए तनु ने मना कर दिया तो वो दोनों
लडकिय तनु को अपने हाथ से खिलाने लगी |फल खाते ही तनु
को लगा की वो मोती होती जा रही है |वो घबरा गयी उसने उन दोनों लडकियों की तरफ देखा तो वो दोनों वहा नहीं थी |उसने फिर घबरा कर
अपनी तरफ देखा तो सब कुछ नोर्मल था | तभी उसे उस फूल की याद
आई उसने देखा की वो फूल उसके पास नहीं है |
तभी उसके पास महिमा आ कर कड़ी हो गयी | उसने कहा की वो फूल तुम्हारे ही पास है देखो तनु ने देखा वो उसके ही पास था |महिमा ने कहा
अब तुम्हारा वो वक़्त आ गया है |जब तुम्हे हमारे साथ साथ ही रहना
पडेगा यह कह कर महिमा ने तनु को गोद मे खिलोने की तरह उठा
लिया |
to be continued

there r no words to say...vry vry & vry nice blog...!!!
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