COPY CODE SNIPPET its tym to lyf moments (IMAGINARY STORY ): May 2017

Monday, May 15, 2017

Pallav- Adhraa

A basket of flowers Images
पल्लव ने अधरा की कमर में  चिकोटी काट दी। अधरा चिहुँक पड़ी, ''उई माँ! क्या करते हो?!'' और फिर उसको प्यार  भरी मार मारने  के लिए  उसने अपना हाथ उठाया ही था की पल्लव  भाग निकला और अधरा उसके पीछे -पीछे दौड़ने लगी |

पल्लव भागते - भागते छत्त पे निकल गया। वहां देखा तो एक चिड़िया प्यास से तड़प रही थी। वो बहुत चीं - चीं कर रही थी और नल में अपनी बीक को मार रही थी | पल्लव बैचेन हो गया और जल्दी से उसको पानी पिलाया जो उसने अपनी दोनों हथेलियों की ओक में रख रखा था। चिड़िया पहले तो उसके कंधे पे आयी फिर उसकी कलाई पर बैठकर पानी को धीरे - धीरे पीने लगी। कदाचित उसके मन से भय निकल गया था , वह चिड़िया पल्लव के साथ  फ्रेंडली हो गयी थी | पल्लव ने उसका  रख दिया  ''चुनचुन '' उस चिड़िया चुनचुन ने अपना घर ( घोसला ) अधरा - पल्लव के घर में बना लिया था अब वो पुरे घर में चहचाती हुई घूमती रहती थी | 

एक दिन अधरा का बेटा जो कुछ ही महीने  का था उसको वह बेड पे अकेला छोड़ कर फोन पे बात करने में बिजी हो गयी बच्चा गिरने ही वाला था की  चुनचुन ने देख लिया वो अधरा पे अपनी बीक मरने लगी ज़ोर -ज़ोर से अधरा समझ गयी की कुछ तो गड़बड़ है, उसे अपना बच्चा याद आ गया वो बैडरूम में भागी और अपने बेटे को उसने गिरने से बचा लिया | उसने फिर चुनचुन को ढेर सा प्यार किया | 

चलते - चलते = दर्पण बोलै हे चकोरी
                       मुख अपना दिखला जा
                       मुझमे भांति - भांति के
                       मूंगे जड़े हैं अब तो गले लगा जा || 


Tulips and roses Images

Thursday, May 11, 2017

Mahula



Have a great Autumn  Images


महुला ने थर्मामीटर से अपना ट्रम्प्रेचरे चेक किया फिर बोली hmmmm नार्मल है, और फिर वो अपने में मस्त हो गयी | उसका थोड़ा मन सुबह से ही उदास था जिस वजह से उसको थोड़ी हरारत सी फील हो रही थी उसने अपने मन में  तरह घुमड़ते विचारों और भावो को दर किनार कर दिया और किचन में जाकर ठंडा मैंगो  शेक बना लायी |
(मैंगो शेक बनाने की इजी रेसिपी के लिए यहाँ क्लिक करें
https://www.youtube.com/watch?v=XM9pOGNtXHo)

उसने  मैंगो शेक का सिप भरते हुए अपनी डायरी खोली फर्स्ट पेज ही उसकी और सिद्धर्थ की फोटो  लगी थी हस्ती मुस्कराती सिद्द कैसे उसको प्यार भरी नज़रों से तक रहे थे | एक वही है उसने खुद को ही दोष दिया  जो उनको भुलाये बैठी है | ना चाहते हुए भी उसकी उँगलियाँ मोबाइल पे अटखेलियां  लगी और फिर उसने सिद्धार्थ का नंबर मिला दिया उधर से सिद्द की आवाज़ आयी हाँ महुला मैं आज की फ्लाइट से आ रहा हु तुम्हारे पास मेरी फेवरेट कलर की साड़ी पहन कर तैयार रहना हम आज अपने फेवरेट रेस्टॉरेंट  चलेंगे |

महुला का दिल बल्लियों उछलने लगा एक  तो उसे लगा बहार ही आ जायेगा और फिर नाचते मयूर की तरह वो ड्रेसअप  होने चली गयी |

चलते - चलते =नीलम से ज़िंदगी हो गयी है मेरी
                       जो किसी को सूट ही नहीं करता | |
                     
                        दो अल्फ़ाज़ क्या कह दिए मैंने
                        वो बेगाने हो गए ||

                        हम दोनों ही अनजाने थे
                        मगर एक नज़र देखते ही
                         सदियों की  पहचान निकल आयी ||
                   
                         उनका आना ना हुआ
                         हमारा बुलाना  ना हुआ
                         फासला इतना की
                         दोनों से मिटाना ना हुआ ||

                        कभी धड़कते दिल से पूछो
                       क्या कभी हम मिले थे
                       वो  कहेगा की तुम जुदा ही कब हुए थे ||
Happy Autumn  Images

Monday, May 1, 2017

AALAAP


Sweet Dreams Images

आलाप ने घडी की तरफ नज़र डाली, रात के दो बजे थे उसने अपने मोबाइल को थोड़ा थपथपाया इस उमीद्द से की शायद उसमे थोड़ी बैटरी  बची हो और वो थपथपाने से चल जाये शायद, पर अफसोस हुआ उसको, मोबाइल तो पहले की ही भांति बड़ी ख़ामोशी से सब देख रहा था |

अलास्का तो अब तक सो गयी होगी ''पापा '' का यानि उसका इंतज़ार करते - करते वो हमेशा अपनी मम्मी से अपना फेवरेट भजन सुन कर सोती है उसने प्रज्ञा अपनी पत्नी की आवाज़ रिकॉर्ड कर रखी है , ( अलास्का का फेवरेट भजन सुनने के  लिए यहाँ क्लिक करें ) | 
https://youtu.be/Ay4bmy0wApQ

आलाप अपने फ्रेंड की पार्टी में गया था वहीँ उसको इतनी देर हो गयी थी और वो कार की चाबी अपने उसी फ्रेंड  यहाँ कही भूल आया शायद उसको यद् ही नहीं आ रही वो घर पे फ़ोन भी नहीं कर सकता  बैटरी ख़तम हो गयी थी वो  अपने फ्रेंड के घर गया भी था मगर तब तक वो लोग घोड़े बेच कर सो चुके थे | 

उसने मन ही मन कहा " माता रानी कुछ तो मेहर कर '' माता रानी ने अपनी कृपा का हाथ उसके सर  दिया तभी वहां से एक व्हीकल गुज़रा उसने रुक कर उससे पूछा '' बाबू जी कहीं जाना है क्या ? '' हाँ भैया जाना है न ज़रा चौक तक ले चलो !! 'जी बाबू जी ' और आज आलाप ऑटो में बैठ कर खुद को राजा महसूस कर रहा था जैसे ही वो कुछ दूर गया तो बदल गरजने लगे वो परेशान हो गया प्रज्ञा उसका इंतज़ार कर रही होगी | 

हलकी फुलकी छींटो के साथ बादलों का गर्जना रुक गया पता नहीं कैसे - कैसे ख़याल उसके मन में आने लगे जैसे - तैसे वो घर पंहुचा उसने अपना कोट जैसे ही हाथ से उत्तार के कंधे पे टांगा कार की चाबी नीचे गिर गयी 

तभी उसको याद आया की शोफ़र ने कार की चाबी उसको देते वक़्त कहा था की साहब पेट्रोल डलवाना है पर उसने उसकी एक ना सुनी और कार लेकर ऐसे ही चल दिया था , वो भला हो ऑटो वाले भैया का जिन्होंने उसको घर तक पंहुचा दिया | 

चलते - चलते = रात को नींद बुलाने से आती है 
                        दिन में ना जाने कहाँ से आती है 
                        उस आसमान से पूछो जो हर पल 
                        जाग कर हमको बेफिक्रे सुलाता है || 

Sweet Dreams Images

hello