COPY CODE SNIPPET its tym to lyf moments (IMAGINARY STORY ): February 2016

Monday, February 1, 2016




                                                                            ''धानी''
धानी ने साड़ी के पल्ले में पिन लगाते हुए सोचा,कि आज आकाश से बात करके ये फाइनल कर लेगी,कि आखिर वो इस बार छुट्टियों में जा कहाँ रहे हैं।आकाश इतने दिनों से टालते आ रहे हैं,दोनों बच्चे,अम्बर और निलिमा नैनीताल के बोर्डिँग स्कूल में पढ़ते हैं,समर में भी एक्टीविटी क्लास के चलते बस एक या दो दिनों के लिए ही  घर आ पाते हैं।
बहुत दिनों से वो मारीशस जाने की सोच रही है,पर जाने के ऐन टाइम पर ही आकाश के फारेन डैलिगेट आने की वजह से जा नहीं पाये थे।घानी ने बालों का जूडा बना लिया,घुटनों तक लहराते उसके बालों पर आकाश आज भी जान छिडकते हैं।आज सुबह ही माली काका फ्रैश फूलों का गुलदस्ता बना कर लाये हैं,उसमें से धानी ने रैड रोज निकाल कर अपने बालों में खोंस लिया ।
तभी गँगा ने आकर पूछा, मेमसाब आज खाने में क्या बनेगा?आकाश की पसंद का खाना बनाने को कह दिया,बैंगन का भरता,अरहर की दाल और बूँदी का रायता साथ में रोटी चावल सलाद और आचार।
धानी अपने मोबाइल पर कैंडी क्रैश खेलने लगी वो कैंडी क्रैश के हजारवे लेवल पे है,समय बिताने का आधुनिक सबसे सरल और उत्तम साधन आई लव कैंडी क्रैश ये सब सोचते हुए उसके चेहरे पर एक नोटी सी मुस्कान खेल गई ।
बाहर पोर्च से गाड़ी की आवाज आई,धानी ने घड़ी देखी तीन बज चुके थे। आकाश लँच पर आ गए हैं,महाराज को खाना लगाने का बोलकर वो बाहर की तरफ लपकी,आकाश मोबाइल पर बात करते हुए सीधे स्टडी रूम की तरफ जा रहे हैं,ये देख कर धानी भी उनके पीछे चलती हुईं ,आकाश को कैच करने का एक असफल प्रयास कर रही थी ।उसको मालूम था ,कि एक बार स्टडी में जाने पर आकाश घँटे भर से पहले बाहर आने वाले नहीं हैं ।
वो फिर से कैंडी क्रैश खेलने लगी,अभी उसने एक लेवल खेला ही था की,डायनिंग टेबल से आकाश की आवाज आई धानी,हाँ कहती हुई धानी टेबल की और लपकी । साथ ही सोचती भी जा रही थी की आकाश इतनी जल्दी कैसे बाहर आ गए....
 अभी ये सोच ही रही थी की,आकाश लगभग ज़ोर से चिल्लाते हुए बोले धनि तुम्हारी मॉरीशस की फ्लाइट की टिकिट करवा दी हैं मैंने,धनि ने प्रश्नवाचक नज़रों से आकाश को देखा ,आकाश ने धनि के गालों पे हलके से चपत लगते हुए कहा की हम दोनों जा रहे हैं पगली। धनि आकाश की सीने से ज़ोर से चिपक गयी,उसके चारों और मनो वसंत छा  गया। हैप्पी एंडिग। .  ..... अरे नहीं नहीं ये क्या सोच  बैठी  हैप्पी बिगनिंग  :)
चलते चलते ____तेरे हाथ की मैं काश वो लकीर बन जाऊ,काश मैं तेरा मुकद्दर तेरी तकदीर बन जाऊ
 मैं तुझे इतना चाहू की तू भूल जाये हर रिश्ता ,सिर्फ मैं ही तेरे हर रिश्ते का जवाब बन जाऊ
तू आँखे  बंद करे तो तुझेआऊ  मैं ही नज़र ,इस तरह मैं तेरे हर ख़्वाब की ताबीर बन जाऊ  .......                      
                             
 

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