COPY CODE SNIPPET its tym to lyf moments (IMAGINARY STORY ): mano ya na mano(xvi) part (STORY)

Sunday, March 27, 2011

mano ya na mano(xvi) part (STORY)

 Angel  Image - 1
गतांक से आगे   .......  
तनु के हाथ में  वही चीज चमक रही थी,दोनों उस चीज को जो रिंकी के हाथ में थी उससे असंख्य वस्तुएय प्राप्त कर रहे थे उसी प्रकार जैसे राजन ने उस रात रिंकी को करते ही देखा था |उस चमकने वाली चीज़ को मयंक पारसमणि कह रहा था |फिर सारी वस्तुओ को मयंक अपने साथ ले कर चला गया |

तनु अभी भी उस अलमारी के पीछे वाले कमरे में छुपी हुई थी तनु थोडा और आगे बढने लगी वो कमरा था की खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा था |तनु चलते -चलते एक जगह पहुच कर रुक गई और वही बैठ गयी उसके बैठते ही सामने की दीवार अपने आप हट गयी और वहां एक cave बन गयी तनु उसमे चली गयी तनु के अंदर जाते ही वो दीवार वापस अपनी जगह आ गयी |
उधर राजन अपनी मीटिंग attend करके वापस अपने घर आ रहा था रास्ते में उसका वहिकल ख़राब हो गया उसने बहुत ठीक करने की कोशिश की परन्तु वो ठीक ही नहीं हुआ रात गहराती जा रही थी सड़क सुनसान होती जा रही थी राजन की कुछ समझ नहीं आरहा था की वो क्या करे उसने सोचा की थोडा आगे जाकर देखता हूँ शायदकोई लिफ्ट मिल जाए ये सच कर वो आगे बढने लगा आगे जाने पर उसने देखा की एक बच्चा बहुत रो रहा है उसने बच्चे के पास जाकर पुछा की तुम क्यों रो रहे हो बच्चे ने कहा क्युकी एस दुनिया का अंत करीब है हम सब काल के गाल में समा जायेंगे राजन ने कहा की कहाँ ख़त्म हो रही है दुनिया कुछ नहीं होगा बच्चा उससे बोला लौट जाओ इससे आगे मत जाना राजन ने कहा क्यों मगर वहा जवाब देने वाला कोई नहीं था |राजन दर कर वापस लौट गया और अपने वहिकल में ही सो गया |

जब राजन सो रहा था तो उसे लगा की वह उड़ रहा है उसने अपनी आंखे खोलने की बहुत कोशिश की परन्तु उसकी आंखे खुल ही नहीं रही थी उस लगा जैसे वो एक बडे से झूले पर बैठा है |और उसके साथ सारी दुनिया झूले पर बैठी है उसने असी चिल्लाने की आवाज़ सुनी जैसी अक्सर लोग झूले         
पर बैठने के बाद करते हैं |और इसी अहसास के बाद राजन की आंखे चिडियों के चहचाहने से खुली सड़क पर लोग आ जा रहे थे |राजन किसी तरह अपने घर पंहुचा तनु उसी का इंतज़ार कर रही थी |  क्रमश:         
Flowers from Heaven  Image - 3

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