COPY CODE SNIPPET its tym to lyf moments (IMAGINARY STORY ): mano ya na mano(aapkey anmol pal)''siddha''

Sunday, May 22, 2011

mano ya na mano(aapkey anmol pal)''siddha''


orkut scraps

तारो भरी रात थी ,चंद्रमा अपनी सोलह कलाओ के साथ अपनी ''शीतल'' चांदनी बरसा रहा था | सिदधा ''नोवेल'' पढ़ रही थी,बहुत ही emotional नोवेल था |सिदधा रोती जा रही थी ,और पढ़ती जा रही थी ,आज अरमान अपने घर गए थे ,सिदधा ,स्निग्धा के साथ अकेली थी |

आज की पूरी रात वो नोवेल ही पढने वाली थी ,(1990august )सिदधा जब भी नावेल ले कर बैठती थी ,पूरा किये बिना नहीं उठती थी |इसके लिए वो रात का वक़्त ही चुनती थी ,इसलिए कभी -कभी अरमान से उसकी ''cold war''भी हो जाती थी ,जो पूरे हफ्ते ,दस दिन तक तो चलती ही थी |(ऐसा उसने लिखा है ) स्निगधा जानती थी की मम्मी आज नोवेल ले कर बैठगी,इसलिए वो अपने कमरे में ही सोयी थी अभीpaanchसाल की ही थी ,पर सब समझती थी | 
 स्निधा सोयी थी ,की एक आवाज़ से उसकी नींद टूट गयी ,उसने विंडो में से देखा तो सामने के घर से आवाज़ आ रही थी |उसनी सिदधा से कुछ नहीं कहा ,जानती थी की वो नोवेल में इतना डूब जाती है ,की सारे रिश्ते नाते भूल जाती है |

सामने वाले घर में curtain पड़ा हुआ था, अंदर की लाइट जली थी |बहार अँधेरा था ,अंदर का सुब कुछ साफ़ दिखाई दे रहा था | उसने देखा की अंदर जो भी है ,उसके हाथ में कुछ है ,और जो उसके सामने खड़ा है उस पर वार कर रहा है |

स्निगधा के पापा उसके लिए, एक सायरन की आवाज़ वाला टॉय लाये थे |उसको और कुछ नहीं सुझा तो उसने वो टॉय चला दिया |उसकी आवाज़ बहुत तेज थी ,वो व्यक्ति उसे भागता हुआ नज़र आया |उस घर के लोगो ने   सबको इकठ्ठा कर लिया |

सबको मालूम था ,की ये टॉय स्निगधा का है क्युकी वो हर वक़्त उसे साथ ले कर घुमती थी |सबने स्निगधा को बहुत प्यार दिया |इतना सब होने के बाद भी,सिद्धा को कोई होश नहीं था |''सच है,की बच्चे भगवान् का रूप होते हैं " |

चलते -चलते =कुछ लोग जिंदगी में ,इस कदर शामिल हो जाते है,
                       भुलाना चाहो तो और याद आते हैं ,            
flower Orkut scraps
                       बस जाते हैं ,वो दिल में इस कदर
                       की आंखे बंद करो, तो सामने नज़र आते हैं ||


                                                                                        







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