COPY CODE SNIPPET its tym to lyf moments (IMAGINARY STORY ): mano ya na mano(aapkey anmol pal) PAAKHI

Sunday, May 15, 2011

mano ya na mano(aapkey anmol pal) PAAKHI

hi and hello orkut scrapsfestival_onam_ scrapsfestival_onam_ scraps

                                                          ''PAAKHI''
पाखी अपने मम्मी -पापा की बहुत लाडली है ,वह स्वयं इस बात को कहती है, की वो अपने मम्मी ,पापा के लाड में बहुत बिगड़ चुकी है |और लाड भी इतना की उसका वेट, दस साल की उम्र में ही  50kg हो गया था|और दिनोदिन, उसकी फरमाएशे बढती ही जा रही थी |

दस साल तक वो अकेली ही थी ,पर अब उसका छोटा भाई भी आ गया था |अब उसके मम्मी ,पापा को उसकी जरूरते भी एक मांग ही लगती थी |एक दिन पाखी के पापा ने उसको बोर्डिंग स्कूल में डाल दिया |पाखी ने कुछ नहीं कहा ,और वो बोर्डिंग स्कूल चली गयी |

बोर्डिंग के स्ट्रीक atmosphere में पाखी बिलकुल ठीक हो गयी थी,ऐसे ही साल दर साल गुजरते गए |और पाखी 8thstandard में आ गयी ,और उसको अब अपनी मम्मी की बहुत जरुरत लगने लगी |और एक दिन वो भी आया जब वो अपनी मम्मी के बिना रह ही नहीं सकती थी |

वो ''GOD ''को याद करती हुई ,हॉस्टल के बैक में बने जंगल में चली गयी |और वहा बैठ कर रोने लगी ,तभी एक सिस्टर nideeya पाखी के पास आ गयी ,और कहने लगी की आज घर की बहुत याद आ रही है न ?आपकी मम्मी का फ़ोन आया है|पाखी तेजी से भागती हुई ,फ़ोन के पास गयी ,पर कोई भी फ़ोन नहीं था |

पाखी वापस जा ही रही थी की ,फ़ोन की घंटी बज उठी पाखी ने उठाया तो आवाज़ उसकी मम्मी की ही थी |और उस दिन उसकी मम्मी ने पहली बार पाखी से बहुत ढेर सी बाते की ,तभी एक सिस्टर  वहा आ गयी ,और पाखी से बोली की किस से बात कर रही हो ??पाखी ने कहा मम्मी से सिस्टर हसने लगी बोली child डैड फ़ोन से !पाखी ने कहा की सिस्टर nideeya ने बताया था ,तो उन्होने कहा की वो तो अब यहाँ है ही नहीं |

उसी दिन पाखी के parents आ गए, और पाखी को न जाने क्यों उसे अपने साथ ले गए,उसने वापस ले जाने का कारण पूछा पर आज तक उसकी मम्मी ने नहीं बताया ,इसे अब और क्या कहे ??

चलते -चलते =
चाँद सिर्फ एक है ,लाखो तारो के लिए


                   
लाखो तारे है ,सिर्फ एक चाँद के लिए
हम जैसे लाखो होंगे ,आपके लिए
पर आप लाखो में एक हो ,हमारे लिए ||
good Bye orkut scraps

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