COPY CODE SNIPPET its tym to lyf moments (IMAGINARY STORY ): mano ya na mano(xxvi) part (STORY)

Wednesday, April 6, 2011

mano ya na mano(xxvi) part (STORY)

 
गतांक से आगे .............
मोर ने कहा की तनु हम सब तुम्हारी मदद करेंगे |तनु अपनी सारी बात बताने ही जा रही थी |की उसे अपने गुरूजी ऋषिजी की बात धयान आई की तनु जब अच्छे कार्य के लिए अच्छे व्यक्ति निकलते हैं तो ,अन्धकार उनकी राह रोकने के लिए विभिन रूपों में आते हैं |और उनकी गुप्त बातो को जान कर उनकी राह कठिन कर देते हैं |तनु ने कुछ नहीं कहा |धीरे -dheerey सब पशु पक्षी अपने -अपने गंतव्य की ओर चले गए |

तनु वाही बैठी रही और ऐसे ही बैठे -बैठे वो प्रथिवी को खुरचने लगी वो बहुत देर तक ऐसा करती रही और वहां एक बड़ा होल हो गया तनु ने देखा की वहां सीढियाँ  बनी हुई हैं,तनु उन सीढियाँ के सहारे नीचे उतर आई और तनु ने देखा की ये तो ek आराध्य स्थान है ।

तनु ने देखा की वहां पर सब व्यवस्था है तनु स्वछ हो गयी तनु ने देखा की वहां मोतियों के ढेर लगे हैं |और पूजा की अन्य सामग्री भी हैं |तनु ने एक मुट्ठी में मोती लिए और उनसे  की पूजा की तनु का मन बड़ा शांत था

   
तनु ने देखा की वहां सब प्रकार की खाद्य सामग्री भी राखी हैं |तनु वहां से वापस आ गयी और फिर गांव की ओर निकल पड़ी तनु ने देखा की उसका निशाँ चमकने लगा है तनु वहीँ जहाँ निशाँ चमक रहा था वहीँ ढूंडने लगी |
                                                                                                                                            kramash:                                                                                          

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