राजन ने सोचा की अगर तनु को कुछ हो गया तो वह कहीं का भी नहीं रहेगा |वह यहाँ से बहुत दूर चला जायेगा |अभी राजन ये सोच ही रहा था की उसे सामने से तनु आते ही दीखाई दी ,राजन तनु को झकझोरते ही पूछा की तुम कहाँ चली गयी थी|तनु ने कुछ नहीं कहा ,फिर उसने राजन से कहा की चलो घर चलते हैं|दोनों घर की तरफ चल दिए परन्तु जब वो दोनों वहां पहुचे तो उन्हे उनका घर कहीं दीखाई नहीं दिया उन्होने आस-पास के लोगो से पूछा तो सब नए पडोसी थे |और उन्होने ऐसा घर कभी नहीं देखा था जैसा राजन और तनु बता रहे थे |दोनों को कुछ समझ नहीं आ रहा था की घर कैसे गायब हो सकता है |

जगह तो वाही है जहाँ उनका घर हुआ करता था |जब कुछ समझ नहीं आया तो तनु ने राजन से कहा की स्कूल चलते हैं आज वहीँ रह लेते हैं |फिर दोनों स्कूल चले गए सुबह को स्कूल में बच्चे आने लगे तनु उन बच्चो में busy हो गयी तभी एक बच्चे की मम्मी तनु के पास आई और बोली की कल हम आपके घर आये थे आप कहाँ चले गए थे तनु उनकी बात सुन कर आश्चर्यचकित रह गयी वो क्या कहती की उन्हे तो उनका ही घर नहीं मिल रहा |तनु ने राजन से कहा की एक बार और घर चलते हैं |दोनों घर की तरफ चल दिए घर वैसा ही था कोई परिवर्तन नहीं था |दोनों में से कोई भी घर के अंदर जाने की पहल नहीं करना चाहता था |उन्होने आस -पास देखा सारे उनके वाही पडोसी थे |फिर तनु ही अंदर गयी उसके पीछे राजन भी आ गए ,राजन ने तनु से कहा की हम वापस अपने घर मौली चलते हैं |तनु ने कहा की हम आज ही जायेंगे|तनु ने उसी वक़्त अपना स्कूल अपनी फ्रेंड मानसी को दे दिया |मानसी ने कहा की तनु ये तुम्हारा ही स्कूल रहेगा हमेशा तुम जब भी चाहो उसे वापस ले सकती हो |और उसके बाद तनु और राजन वापस अपने घर की तरफ चल दिए |
अभी वो घर से निकले ही थे ,की उन्हे रिंकी मिल गयी रिंकी ने कहा की आप लोग कहाँ जा रहे हैं |राजन ने कहा की वो वापस अपने घर जा रहे हैं |तब रिंकी ने कहा की वो ऐसे यहाँ से नहीं जा सकते ,राजन ने कहा की वो कैसे रोक सकती है तो तनु ने कहा की राजन अगर तुम गए तो तुम्हारे साथ वही होगा जो रास्ते में हुआ था |और फिर मौली जाकर वो होगा जो कल हुआ था तुम्हारा घर ही तुम्हे नहीं मिलेगा वो एक ऐसा मायाजाल फैला देगी एक ही जैसी अनगिनत जगह बना देगी की तुम पहचान ही नहीं पाओगे की तुम्हारा घर कौन सा है |तब राजन ने रिंकी से पूछा की तुम हमसे से क्या चाहती हो |रिंकी ने कहा की वो अभी कुछ नहीं बता सकती पर वो उन दोनों को यहाँ से जाने नहीं देगी ,और रिंकी उन दोनों को घर वापस ले आई |
घर आने के बाद सब अपने -अपने रूम में चले गए ,राजन ने तनु से कहा की वो कुछ देर के लिए बहार जा रहा है ,अभी आ जायेगा तनु ने कुछ नहीं कहा राजन के बहार जाते ही तनु उसी कमरे में चली गयी वहां जाकर वो उसी cave में चली गयी उस cave में बहुत से रास्ते जा रहे थे |और बहुत अँधेरा हो रहा था तनु उस अंधेरे रास्ते पर ही आगे बढ़ चली तभी चारो तरफ मशाले जलने लगी तनु ने देखा की जगह -जगह पत्थर के लोग खडे हैं जो देखने में ऐसे लग रहे थे की अभी बोल पड़ेंगे तनु उनको हाथ लगाने वाली ही थी की एक आवाज़ आई तनु इसे मत छुना नहीं तो तुम भी ऐसे ही पत्थर की बन जाओगी तनु ने हाथ पीछे कर लिए और वही रुक कर और awaj
की प्रतीक्षा करने लगी मगर जब कोईभी आवाज नहीं आई तो तनु आगे बढ़ाने लगी आगे तनु को बहुत सी कांटेदार झाडिया मिली तनु उन्हे हाथ से ही हटा कर आगे बढने लगी तनु के हाथो में कांटे लग गए तनु तब भी नहीं रुकी वो आगे बढती गयी तनु एक बर्फीली जगह पहुच गयी वहां चारो तरफ बर्फ ही बर्फ थी विचित्र से मानव और विचित्र से जानवर थे तनु थोडा और आगे गयी तो आधा मानव आधा शेर तनु के पीछे आने लगा तनु भागने लगी और भागते- भागते उसका पाँव फिसला और वह गिरती चली गयी जब तनु की आँख खुली तो उसने देखा की बहुत बड़ी -बड़ी चीटिया उसके सामने खड़ी हैं जो हैं तो इंसान मगर उनके मुह चीटियों जैसे हैं |और वो न जाने कौन सी भाषा बोल रही हैं तनु ने कहा की में कहाँ हूँ तो एक चीटी ने तनु की भाषा में ही जवाब दिया की तुम हमारे विचित्र लोक में हो यहाँ तुम क्यों आई हो जिस चिति ने तनु की बात का उत्तर दिया था उसी
ने तनु से प्रशन किया तनु ने कहा की में तो ये देखने आई थी की ये गुफा कहाँ तक जाती है |क्रमश:

ने तनु से प्रशन किया तनु ने कहा की में तो ये देखने आई थी की ये गुफा कहाँ तक जाती है |क्रमश:


vry vry vry awesum,dear!!!...:-)
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