
''मिनाक्षी''
मिनाक्षी की शादी हुएय तीन साल बीत गया थे ,इन तीन सालो में उसने अपने मम्मी-पापा को जब भी देखा,उसे वो शादी के पहले से बहुत अलग लगते थे | उसने देखा था की जैसे उनकी जिंदगी के रंग ही खो गए हो,मम्मी,पापा अपना बिलकुल भी ख्याल नहीं रखते थे |मिनाक्षी को यह देख कर बहुत दुःख होता था |
मिनाक्षी के ससुराल में सब अपने आपको बहुत मेंटेन रखते थे,उसके मम्मी,पापा कभी उससे मिलने उसकी ससुराल में नहीं आते थे|हमेशा वही अपने घर आती थी,जब भी उसे अपने परेंट्स की याद आती थी|जब भी वो अपने घर आती, बस अपने मम्मी ,पापा में लग जाती थी|
मम्मी,पापा के hair कलर करना,उनका ब्लीच,facial करना उसके परेंट्स बहुत मना करते की अब तो बस हमारी ''इश्वर स्मरण'' की उम्र है|पर वो नहीं सुनती थी|पर जब वो चली जाती सब पहले जैसा हो जाता,इस बीच मिनाक्षी प्यारे से ''निषद'' की माँ बन गयी थी|
अब वो भी अपने घर आने के बाद,अपने परेंट्स का पहले जैसा धयान नहीं रख पाती थी |इस बार जब वो निषद के साथ पूरे छ: महीनो के लिए रहने आई थी|निषद के पापा अपूर्व कंट्री साइड गए थे,मिनाक्षी ने अपना धयान रखना छोड़ दिया था|वह ना तो अच्छे से ड्रेसअप होती थी,ना ही कोई मकेअप करती थी|

दो तीन दिन तो उसके परेंट्स ने कुछ नहीं कहा,पर जब ज्यादा दिन हो गए तो,उन्होने टोकना शुरू कर दिया|पर मिनाक्षी सब अनसुना कर देती,एक दिन जब उसके परेंट्स ने उसको बहुत कहा की अपना धयान रखा करो,तो वो पहली बार अपने परेंट्स के सामने बोली,की मम्मी अब मेरी भी जिंदगी निषद के आने के बाद ख़तम हो गयी है|तब उसके परेंट्स ने समझाया की नहीं अभी तो तुम्हारी शुरुआत है|
तब मिनाक्षी ने कहा की मम्मी पापा जैसे आपको मुझे देख कर दुःख हो रहा है,same मुझे भी आपको देख कर दुःख होता है|''inlaws '' बनने के बाद जिंदगी ख़तम तो नहीं हो जाती|आप भी मुझसे free हो गए है,बस अपने आपको देखिये,आपको घुमने का बहुत शौक है,तो आप शाम को घुमने क्यों नहीं जाते |अगर आप पहले जैसे हो जायेंगे तो मै भी अपना धयान रखूंगी|फिर उसने आगे कहा की,आपने कभी ये सोचा है की मुझे आपको ऐसे देख कर कैसा लगता है |
मिनाक्षी के परेंट्स उसकी ये बात सुन कर वहां से चले गए,और आज पूरे तीन साल बाद मिनाक्षी के मम्मी पापा ने अपनी wardrobe खोली थी,मिनाक्षी के पापा ने अपने सूट पर बडे प्यार से हाथ फेरा,उसकी मम्मी ने अपनी सबसे अच्छी साडी को हंगेर समेत अपने से चिपका लिया|फिर दोनों बहुत अच्छे से तैयार होकर बहार आये तो मिनाक्षी भी निषद के साथ ऐसे ही तैयार थी, मानों अभी किसी पार्टी मै जाना हो|
जैसे माता- पिता अपने बच्चो को हमेशा खुश देखना चाहते हैं,ऐसे ही बच्चे भी परेंट्स को बिलकुल young देखना चाहते हैं|हम पढे -लिखे लोगो की एक ही विडंबना है, की हम हर वक़्त उम्र को देखते हैं|जो लोग अपनी उम्र को नहीं जानते की उनकी बर्थडे कब होती है ,उनको देखिये वो हमेशा जवान रहते हैं |आप अपने आस -पास देखिएगा जरुर, आपको ऐसे लोग जरुर देखाई देंगे जहाँ उम्र भी उनसे हार गयी है| please take care..!!
चलते-चलते मे कुछ प्रचलित पंक्तिया
उदास लम्हों की ना कोई याद रखना
तूफ़ान मे भी वजूद अपना सँभाल कर रखना
किसी की जिंदगी की ख़ुशी हो तुम
यही सोच कर तुम,अपना ख्याल रखना ||
एक दिन इस दुनिया से चले जायेंगे
और हजारो तारो मे आपको नज़र आयेंगे
आप कोई खवाहिश मांगना
और हम उसे पूरा करने के लिए
उसी वक़्त टूट जायेंगे ||
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