COPY CODE SNIPPET its tym to lyf moments (IMAGINARY STORY ): Aur wo chala gaya

Tuesday, February 7, 2017

Aur wo chala gaya


A fairy walking across flowers Images

                                                            ''  Aur wo chala gaya ''

''वो'' रेल की पटरियों पे धड़ाधड़ भागा जा रहा था, ज़माने से परेशान, अपनी ही धुन में भागा जा रहा था। रात के दो बजे थे, उसे कोई सुध ही नहीं थी... और हो भी तो कैसे? उसने ''ब्रेकअप'' जो कर लिया था ! ऐ मेरे मालिक ''ये तूने क्या किया, क्या तुझे में ही मिला था इस पूरी दुनिया में ?   नहीईईई ..... एक आवाज़ आयी और किसी रुई के फाहे जैसे हाथों ने उसको पटरी से खींच लिया और ''वो '' उसकी दोनों हाथों की बाहों में बंध  गया, और ट्रेन धड़धड़धड़ करती निकल गयी।

तुमने मुझे क्यों बचाया ? मै कोई बचाने वाली नहीं हूँ, उसने (युवती ने ) ऊपर की ओर देखते हुए कहाँ, ''तुमको उस ''अनदेखी सुपर शक्ति '' ने बचाया है''। फिर वह युवती ''वो'' को अपने साथ ले चली, और ''वो'' भी मंत्रमुग्ध सा बंधा - खींचा सा उसके साथ चला जा रहा था । वह युवती पहाड़ी से ''वो '' का हाथ पकडे नीचे उतरती जा रही थी । तुम इतनी रात में यहाँ क्या कर  रही थी 'वो ' ने युवती से पूछा ? उस युवती ने कहा की आसमान में से एक तारा टूट रहा था,  जिसको देखकर में उस टूटते तारे का पीछा करते - करते यहाँ तक आ गयी, और फिर मैंने तुमको देखा । ''वो ' ने एक लंबी सी हुंकार भरी। उसकी दृष्टि में एक अज़ीब सी खामोशी थी, जिसे देखकर एक बार को तो उस युवती के होश ही उड़ गए ।

चलते - चलते घंटो हो गए थे , न तो कोई मुकाम ही आया , और न ही वो दोनों थके। और वो दोनों इस बात से भी अनजान थे कि कोई अनजाना शख्स भी उनको फॉलो कर रहा है !  चलते - चलते चाँद की चटकीली चांदनी भी अपनी पूर्णता बिखेर रही थी, ''वो '' और वह युवती एक वृक्ष के नीचे खड़े हो गए और अचानक ही वो दोनों एक दूसरे में विलीन हो गए। अब वहां सिर्फ युवती खड़ी थी । अनजाना शख्स ये देखकर वही स्तब्ध हो गया और वह युवती झील में नाव में बैठकर लोप हो गयी और तभी, आव्या चिहुक कर जाग गयी , ''अरे ये मैंने सपने में क्या देखा ?!'' तभी मोबाइल बज उठा। दूसरी तरफ से निकेतन था , आव्या रो पड़ी और बोली जल्दी घर आ जाओ। तभी फ़ोन में से बीप - बीप की सी आवाज़ आने लगी । आव्या घर में अकेली थी , सर्वेंट भी अपने सर्वेंट क्वार्टर में रहते हैं , वह स्लिपर्स पहन कर सर्वेंट क्वार्टर की तरफ बढ़ चली , उसने अपने आगे रेनबो देखा। ये उसका वहम था या सत्य, नही जान पायी, और उस इंद्रधनुष में बढ़ती चली गयी । मनमोहक संगीत उसके कानो में पड़ा, नूपुर की झंकार आव्या खुद को रोक नहीं पायी और थिरकने लगी। और फिर बेला की सुगंध उसकी नाक में आयी और...और  जब उसकी आँख खुली निकेतन चेयर पर बैठे पेपर पढ़ रहे थे ।

चलते -चलते =
छू  लू जो तेरा हाथ तो फूलों की सुगंध आती है 
तेरे आँचल से मुझे मिटटी की सुगंध आती है
कुछ न कहना मुझे, तुझे मेरे प्यार की कसम 
मुझे तेरी साँसों में जन्नत  झलक आती है 
कसम ले ले मुझसे , तू उस कायनात की, फना हो जाऊ मै अगर 
जो तुझसे रूबरू न होऊँ, खुद को  छूकर मुझे तेरे  साथ की महक आती  है  ॥ 

A butterfly with purple flowers Images

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