
katyayani
कात्यायनी ने जल्दी से राहुल का टिफिन पैक किया और उसको बैग में डाल दिया। राहुल अभी नहाने में था तभी उसकी आवाज़ आयी ''मम्मी पानी बहुत ठंडा है कैसे नहाऊँ ?'' कात्यायनी को पता था कि ये ऐसे ही स्कूल के लिए लेट कर देगा और फिर जब स्कूल बस निकल जाएगी तो फिर उसको ही छोड़ कर आना पड़ेगा। वो बाथरूम में गयी, जल्दी से गीज़र में से गर्म पानी निकाला और फिर राहुल को खुद ही नहला दिया। उसने सोचा 'ये लड़का भी न दस के बराबर है!' राहुल को टॉवल से पौछते- पौछते उसे शैलेश की याद आ गयी। बिज़नेस के काम से लंदन गए हैं, पता नहीं कितना टाइम लग जायेगा।
इतने में घर के बाहर उसको बस का हॉर्न सुनाई दिया। लटपट वो राहुल को लेकर बाहर भागी, साथ ही स्कूल बैग व राहुल के हाथ में सैंडविच देना नहीं भूली। राहुल को स्कूल बस में बैठा कर वो अब काफी फ्री महसूस कर रही थी। वो अपने रूम में गयी और अपना एंगेजमेंट वाला एल्बम निकल कर अपनी पुरानी यादों के पन्ने उलटने लगी। शैलेश ने जब उसको अंगूठी पहनाने के लिए स्पर्श किया था तो उसका प्रथम स्पर्श वो आज तक नहीं भूल पायी।
और वो दिन जब वो जयमाला डालने के लिए स्टेज पर आयी और लड़खड़ा गयी थी। वो गिरने ही वाली थी कि मज़बूत इरादे और मज़बूत बाहों वाले 'शैल' ने उसको गिरने नहीं दिया और हाथ बढ़ा कर उसको थाम लिया था। उसकी सेहली सुचेता तो शैल की कितनी बड़ी फैन है। तभी उसकी मोबाइल की घंटी बजी। शैल का फोन था। वो एक घंटे के बाद उसके पास होंगे, ये सुनकर उसके गुलाबी होठों पर हँसी और आँखों में नमी आ गयी.... अरे ! ख़ुशी की ....... ।
चलते -चलते = Itni aasani se kaise bhul jata hai koi,
Dur rehkar bhi yaad ata hai koi,Umar bhar yaad karte rahenge hum,
Dekhte hain kab tak hame bhulta hai koi…
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