
*****यह केवल रात में देखा गया एक सपना है वास्तविक दुनिया से इसका कोई लेना या देना नहीं है | अगर इस पोस्ट की बाते किसी से मिलती हैं, तो इसे महज़ एक संयोग ही कहा जायेगा |
''राधिका''
राधिका घंटो शहर से मिलो दूर पोंड के पास बैठी रही, वो बिलकुल अकेले बैठी थी | उसे तालाब के पास घंटो ऐसे ही बैठना अच्छा लगता था, जिस जगह पर वो बैठती थी, वहां कोई आता - जाता भी नहीं है | उस तालाब में गोल्डेन मछली उसे बहुत पसंद थी, जैसे उस मछली, से राधिका की बहुत गहरी दोस्ती हो गयी थी |
राधिका उस मछली से अपने दिल की हर बात कर लेती थी, एक तो राधिका को सिक्रेट लीक हो जाने का डर नहीं रहता था | राधिका उस ''गोल्डेन फिश'' के लिए घर से आटे की गोलिया बना कर ले जाती थी | और फिश को खिलाती रहती थी |
उस दिन भी राधिका ''गोल्डेन फिश'' के लिए खाना ले, कर गयी थी | बहुत सी बाते उसने ''फिश'' के साथ शेयर की, राधिका का मन बहुत हल्का हो चूका था |राधिका घर में अकेली रहती थी, उसके पति काम के सिलसिले में घर के बहार रहते थे | राधिका फिश से बात करने के बाद काफी देर तक लैपटॉप पर खेलती रही |
राधिका देर रात घर आई उसने रिमोट हाथ में लेकर, सारे घर की लाइट ऑन की पल भर में ही सारा घर लाइट में नहा गया | पर घर का एक कोना अभी भी अंधेरे में था, राधिका धीरे- धीरे उस अंधेरे कोने की तरफ बढने लगी | तभी उसे ''नुपुर ध्वनी'' सुनाई दी, बड़ी ही मधुर ध्वनी थी | तभी एक हाथ उसके कंधे पर पड़ा राधिका की चीख निकल पड़ी, वो जल्दी से उठ बैठी फिर गिलास का पानी गटागट पी गयी| ये सपना उसने पहली बार देखा था, वो अपने बेड पर थी |
चलते-चलते= रात को सपनो में आती है ''परी''
मीठे-मीठे सपने लाती है ''परी''
भूल के सारे गम, खो जाओ और
चुपके से नींद के आगोश में सो जाओ ||

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