
''सैम''
27 june 2011सैम अपनी दोनों बेटियों आनिया और मुस्कान के साथ गाड़ी से, दिल्ली से अपने घर देहरादून जा रहे थे| आनिया अभी फर्स्ट क्लास में थी और मुस्कान अभी नर्सरी में ही थी,वो दोनों अपनी ग्रैंड मदर के यहाँ दिल्ली आई हुई थी|रात का कोई बारह बजे का वक़्त था,सैम आधे रास्ते में पहुच चुके थे,रास्ते में न्यू रोड बनी थी |
ना जाने क्या हुआ वो गलत रोड पर मुड गए,उनको पता ही नहीं चला,बहुत देर तक कार drive करते रहे,रास्ता था की ख़तम होने का नाम ही नहीं ले रहा था|और रास्ता ऐसा ही था जिस पर वो हमेशा जाते थे,उनको साइन बोर्ड भी वही दिखाई दे रहे थे जो ठीक थे,पर इसके बाद भी अब उन्हे लगने लगा था की,वो किसी और रास्ते पर जा रहे हैं |
सुबह के तीन बजे थेsam ने एक जगह गाड़ी रोकी सोचा की ,साइन बोर्ड से नहीं अब किसी से पूछ कर ही आगे बढेंगे |उन्होने देखा की एक घर में लाइट जल रही है,उन्होने सोचा की यही पूछ लेता हूँ की ये जगह कौन सी है|एक नज़र सैम ने आनिया और मुस्कान पर डाली,दोनों सो रही थी|सैम उस घर के पास गए,उन्होने दरवाज़ा पर हाथ लगाया ही था की,दरवाज़ा खुल गया,सैम ने कहा की ''कोई है''|अंदर से एक आवाज़ आई की ''कौन है'' सैम उस आवाज़ लो सुन कर वहां रुक नहीं पाए,और वहां से भाग खडे हुएय|
जल्दी से गाड़ी स्टार्ट की,इतनी में ही आनिया उठ गयी बोली ''पापा घर कब आएगा''|सैम ने कुछ नहीं कहा,उन्होने मोबाइल उठाया अपनी wife तानिया को फ़ोन लगाया,तानिया फ़ोन उठा ही नहीं रही थी|इतना सब होते -होते सुबह के चार बज गए थे,एक जगह उन्हे एक मंदिर दिखाई दिया मंदिर में से आरती की आवाज़ आ रही थी|वैसे सभी मंदिरों में सुबह पांच बजे आरती होती है,सैम ने वहीँ गाडी रोकी तब तक मुस्कान भी जाग गयी थी,उन दोनों को साथ लेकर सैम मंदिर में गए और वहा हाथ जोड़ कर अपने घर लौटने की प्रार्थना की तभी मंदिर के पुजारी जी वहां आ गए,सैम ने उनसे पूछा की ये कौन सी जगह है,उन्होने जो उस जगह का नाम बताया तो,सैम सुनकर दंग रह गए वो देहरादून के ही एक मंदिर में खडे थे........... !!!
@चलते- चलते=में कुछ मशहूर पंक्तिया
अगर उस रब पर भरोसा करना सीखना है,
तो परिंदों से सीखो, शाम को घर वापस
जाते समय उनकी चोंच में एक भी दाना नहीं होता ||
खामोशियो में एक अदा हमे इतनी प्यारी लगी
आपकी दोस्ती हमे सबसे न्यारी लगी
ये न टूटे ये दुआ है हमारी
क्युकी यही दुनिया में हमे, हमारी लगी ||
जल्दी से गाड़ी स्टार्ट की,इतनी में ही आनिया उठ गयी बोली ''पापा घर कब आएगा''|सैम ने कुछ नहीं कहा,उन्होने मोबाइल उठाया अपनी wife तानिया को फ़ोन लगाया,तानिया फ़ोन उठा ही नहीं रही थी|इतना सब होते -होते सुबह के चार बज गए थे,एक जगह उन्हे एक मंदिर दिखाई दिया मंदिर में से आरती की आवाज़ आ रही थी|वैसे सभी मंदिरों में सुबह पांच बजे आरती होती है,सैम ने वहीँ गाडी रोकी तब तक मुस्कान भी जाग गयी थी,उन दोनों को साथ लेकर सैम मंदिर में गए और वहा हाथ जोड़ कर अपने घर लौटने की प्रार्थना की तभी मंदिर के पुजारी जी वहां आ गए,सैम ने उनसे पूछा की ये कौन सी जगह है,उन्होने जो उस जगह का नाम बताया तो,सैम सुनकर दंग रह गए वो देहरादून के ही एक मंदिर में खडे थे........... !!!
@चलते- चलते=में कुछ मशहूर पंक्तिया
अगर उस रब पर भरोसा करना सीखना है,
तो परिंदों से सीखो, शाम को घर वापस
जाते समय उनकी चोंच में एक भी दाना नहीं होता ||
खामोशियो में एक अदा हमे इतनी प्यारी लगी
आपकी दोस्ती हमे सबसे न्यारी लगी
ये न टूटे ये दुआ है हमारी
क्युकी यही दुनिया में हमे, हमारी लगी ||

No comments:
Post a Comment